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लौकही बाज़ार की ऐतिहासिक हवेली: 100 साल पुराना वैभव और अनसुलझे रहस्य | Bhoomi News Live

Laukahi Bazar Haveli Madhubani

मधुबनी (लौकही): मिथिला की धरती न सिर्फ अपनी संस्कृति के लिए, बल्कि यहाँ के ज़मींदारों द्वारा बनवाई गई भव्य इमारतों के लिए भी जानी जाती है। मधुबनी जिले के लौकही बाज़ार में स्थित एक ऐसी ही विशाल हवेली आज भी सिर उठाए खड़ी है, जिसे स्थानीय लोग गया प्रसाद की हवेली के नाम से जानते हैं। लगभग एक सदी पुरानी यह इमारत आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है।

ब्रिटिश और भारतीय कला का अनूठा संगम

इस हवेली का निर्माण 1920 से 1940 के बीच माना जाता है। उस समय के प्रतिष्ठित ज़मींदार और व्यापारी गया प्रसाद ने इसे बनवाया था। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी वास्तुकला है। इसमें भारतीय पारंपरिक शैली के साथ-साथ ब्रिटिश दौर की झलक भी साफ दिखती है। हवेली की दीवारों पर लगी विदेशी नीली टाइल्स और बारीक नक्काशी आज भी इसकी भव्यता की गवाही देती है।

क्षेत्र का ‘पावर सेंटर’ और रहस्यों की चर्चा

बुजुर्ग बताते हैं कि आज़ादी से पहले और उसके कुछ समय बाद तक, यह हवेली इस पूरे क्षेत्र का पावर सेंटर हुआ करती थी। इलाके के बड़े सामाजिक और व्यापारिक फैसले इसी हवेली के आंगन में लिए जाते थे। स्थानीय पुरानी कहानियों के अनुसार, इस हवेली के भीतर गुप्त गलियारे (Secret Passages) और भूलभुलैया जैसे कमरे भी हैं, जिनका उपयोग सुरक्षा या गुप्त कार्यों के लिए किया जाता था।

संरक्षण की दरकार: जीर्ण-शीर्ण हो रही है धरोहर

देख-रेख के अभाव में अब यह ऐतिहासिक इमारत कमज़ोर होती जा रही है। छत से पानी टपकना और दीवारों का दरकना शुरू हो गया है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो लौकही के इतिहास का यह जीता-जागता पन्ना हमेशा के लिए बंद हो सकता है।

झंझारपुर क्राइम मीटिंग: 50 बड़े कांडों की फाइल खुली, लखनौर और झंझारपुर थाना निकले सबसे आगे

एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा

झंझारपुर (मधुबनी): अनुमंडल क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए एसडीपीओ (SDPO) सुबोध कुमार सिन्हा ने सभी थानाध्यक्षों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में डीएसपी का सख्त तेवर देखने को मिला, जहाँ उन्होंने कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों को सीधे तौर पर चेतावनी दी।

50 गंभीर मामलों की हुई गहन पड़ताल

बैठक के दौरान हत्या, लूट, बलात्कार, पॉक्सो (POCSO) और एससी-एसटी एक्ट जैसे 50 सबसे संवेदनशील और गंभीर मामलों की फाइलें खंगाली गईं। डीएसपी ने एक-एक केस की प्रगति रिपोर्ट ली और जांच में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने में कोई कोताही न बरती जाए।

अंधराठाढ़ी और भेजा थाना के प्रदर्शन पर नाराजगी

कार्यशैली के आधार पर थानों की रैंकिंग भी सामने आई। समीक्षा में पाया गया कि:

  • अव्वल: झंझारपुर और लखनौर थाना कांडों के निष्पादन (Disposal) में सबसे आगे रहे।
  • फिसड्डी: अंधराठाढ़ी और भेजा थाना का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।

इन थानों के थानाध्यक्षों को कड़ी फटकार लगाते हुए डीएसपी ने कहा कि अगर जल्द ही सुधार नहीं दिखा, तो विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

जेल से बाहर आए अपराधियों पर ‘स्पेशल नजर’

डीएसपी सुबोध कुमार सिन्हा ने बताया कि पुलिस ने क्षेत्र के 8-10 ऐसे अपराधियों को चिह्नित किया है जो लगातार वारदातों को अंजाम देते हैं। इसके अलावा, जो अपराधी हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आए हैं, उनकी दैनिक गतिविधियों की निगरानी के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।

मार्च महीने का रिपोर्ट कार्ड

  • कुल दर्ज मामले: 156
  • निष्पादित मामले: 186 (पुराने मामलों को मिलाकर)
  • रणनीति: वाहन जांच, रोको-टोको अभियान और रात में गश्त बढ़ाने के निर्देश।

बैठक में सर्किल इंस्पेक्टर बीके बृजेश समेत अररिया संग्राम, भैरवस्थान, झंझारपुर आरएस, लखनौर, रुद्रपुर, मधेपुर और भेजा के थानाध्यक्ष मुख्य रूप से उपस्थित थे।

बिहार बोर्ड 11वीं नामांकन 2026: OFSS के जरिए आवेदन शुरू, जानें महत्वपूर्ण तिथियां और प्रक्रिया

OFSS बिहार बोर्ड कक्षा 11वीं ऑनलाइन नामांकन 2026 आवेदन प्रक्रिया की जानकारी स्मार्टफोन स्क्रीन पर

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए कक्षा 11वीं (इंटरमीडिएट) में नामांकन की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। राज्य के उच्च माध्यमिक विद्यालयों और इंटर कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्र आज से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इस वर्ष नामांकन प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिन्हें आवेदन करने से पहले समझना छात्रों के लिए आवश्यक है।

📈 मुख्य आंकड़े: एक नजर में

बिहार बोर्ड ने इस बार राज्य भर के शिक्षण संस्थानों की सूची और सीटों का विवरण जारी कर दिया है:

विवरणसंख्या/जानकारी
कुल शिक्षण संस्थान10,003
कुल उपलब्ध सीटें17.50 लाख से अधिक
आवेदन का माध्यमऑनलाइन (OFSS पोर्टल)
आवेदन शुल्क₹350
विकल्पों की संख्यान्यूनतम 10, अधिकतम 20 संस्थान

🗓️ महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)

  • आवेदन शुरू होने की तिथि: 8 अप्रैल, 2026
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 18 अप्रैल, 2026
  • विदेशी नागरिक/प्रवासी भारतीय छात्रों के लिए: 2 मई तक

🛠️ आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Process)

नामांकन के लिए छात्रों को OFSS (Online Facilitation System for Students) पोर्टल का उपयोग करना होगा:

  1. वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट www.ofssbihar.net पर जाएं।
  2. दस्तावेज पढ़ें: आवेदन करने से पहले समिति द्वारा जारी ‘सामान्य आवेदन पत्र’ (Common Application Form) और ‘सामान्य सूची पत्र’ को ध्यान से पढ़ें।
  3. कट-ऑफ चेक करें: छात्र पिछले वर्ष (2025) की कट-ऑफ लिस्ट देखकर अपने अंकों के अनुसार कॉलेजों का चयन करें।
  4. कॉलेज चयन: आप कम से कम 10 और ज्यादा से ज्यादा 20 कॉलेजों/स्कूलों का विकल्प चुन सकते हैं।
  5. शुल्क भुगतान: आवेदन शुल्क ₹350 जमा करना अनिवार्य है, इसके बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

नोट: इस बार डिग्री कॉलेजों (Degree Colleges) को इंटर नामांकन की सूची से हटा दिया गया है। अब नामांकन केवल उच्च माध्यमिक विद्यालयों और इंटर कॉलेजों में ही होगा।

🎓 डॉ. अंबेडकर आवासीय विद्यालयों में भी अवसर

अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) कल्याण विभाग द्वारा संचालित 46 डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालयों में भी कक्षा 11वीं के लिए नामांकन शुरू हो गया है।

  • विशेषताएं: चयनित छात्रों को नि:शुल्क नामांकन के साथ रहना, खाना और यूनिफॉर्म की सुविधा मुफ्त मिलेगी।
  • चयन का आधार: कक्षा 10वीं के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट बनेगी।
  • आवेदन की अवधि: 8 अप्रैल से 27 अप्रैल तक।
  • नामांकन प्रक्रिया: 15 मई से 25 मई तक चलेगी।

💡 छात्रों के लिए जरूरी टिप्स

  • ऑफलाइन आवेदन नहीं: ध्यान रखें कि आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन का कोई प्रावधान नहीं है।
  • सोच-समझकर चुनें विकल्प: कॉलेज चुनते समय अपनी प्राथमिकता और पिछले साल के कट-ऑफ का मिलान जरूर करें ताकि पहली सूची में ही नाम आने की संभावना बढ़ जाए।
  • मोबाइल नंबर और ईमेल: आवेदन के समय अपना सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी ही दें ताकि बोर्ड की ओर से आने वाले अपडेट्स मिस न हों।

खुटौना: पारिवारिक विवाद में दामाद ने ससुर पर तानी पिस्टल, तीन गिरफ्तार

टौना थाना क्षेत्र के सिरसिया गांव से बरामद देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन।

खुटौना (मधुबनी): मधुबनी जिले के खुटौना थाना क्षेत्र अंतर्गत सिरसिया गांव में सोमवार की देर रात पारिवारिक विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब एक दामाद ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ससुर के घर पर हमला बोल दिया। हालांकि, ग्रामीणों की तत्परता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी घटना टल गई।

घटना का विवरण

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार (06 अप्रैल) की रात करीब 1:30 बजे रामदेव महतो के घर पर उनके दामाद अपने दो सहयोगियों के साथ पहुंचे। वहां गाली-गलौज करते हुए आरोपियों ने जानलेवा हमले का प्रयास किया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने देशी पिस्टल निकालकर रामदेव महतो को जान से मारने की धमकी दी।

ग्रामीणों ने दिखाया साहस

देर रात शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। इसके तुरंत बाद घटना की सूचना डायल-112 को दी गई।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

सूचना मिलते ही खुटौना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • हथियार: एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस।
  • वाहन: दो मोटरसाइकिल।
  • अन्य: तीन मोबाइल फोन।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  1. दिनेश महतो
  2. रमेश महतो
  3. राहुल कुमार

ये सभी आरोपी किशनपुर थाना (जिला सुपौल) के निवासी बताए जा रहे हैं।

वर्तमान स्थिति

पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और तीनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से गांव में तनावपूर्ण स्थिति अब नियंत्रण में है।

मधेपुर: ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय के छात्र की संदिग्ध मौत, स्कूल संचालक ऋषि कर्ण गिरफ्तार

मधेपुर पुलिस द्वारा छात्र की संदिग्ध मौत मामले में जारी प्रेस विज्ञप्ति और गिरफ्तार आरोपी का विवरण

मधेपुर (मधुबनी)। झंझारपुर-मधुबनी पुलिस ने मधेपुर थाना क्षेत्र के एक निजी आवासीय विद्यालय में हुई छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज और मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर की है।

क्या है पूरा मामला?

​बीते 4 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 10:00 बजे पुलिस को सूचना मिली कि ‘ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय’ में एक 12 वर्षीय छात्र, विकेश कुमार, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। स्कूल प्रशासन छात्र को अस्पताल ले गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मधेपुर थाना पुलिस और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी झंझारपुर ने तुरंत मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की।

परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

​मृतक छात्र की माँ, सुनीता देवी (निवासी: सुंदरी, थाना: भेजा, मधुबनी), ने थाने में आवेदन देकर स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, उनके 12 वर्षीय बेटे विकेश कुमार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके बेटे की हत्या की गई है।

पुलिस जांच और गिरफ्तारी

​पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:

​मामले में संलिप्त मुख्य आरोपी और स्कूल संचालक ऋषि कुमार कर्ण (पिता: बिनोद कुमार कर्ण) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

​घटनास्थल पर FSL की टीम को बुलाया गया और साक्ष्य जुटाए गए।

​स्कूल परिसर में लगे CCTV कैमरों की सघन जांच की गई।

​सीसीटीवी फुटेज में मिले साक्ष्यों और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 85/26 दर्ज की है।

धाराओं के तहत कार्रवाई

​पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 61(2) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अन्य अज्ञात स्कूल कर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है ताकि इस दुखद घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

कजरा (लखीसराय) में सौर ऊर्जा क्रांति: ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने किया 301 MW सौर परियोजना का निरीक्षण

Kajra Solar Project Inspection by Bijendra Prasad Yadav

बिहार को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने लखीसराय जिले के कजरा में निर्माणाधीन 301 MW सौर ऊर्जा एवं 523 MWh बैटरी स्टोरेज परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया। यह परियोजना राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी रिन्यूएबल एनर्जी पहलों में से एक है।

प्रगति की समीक्षा और कड़े निर्देश

​निरीक्षण के दौरान माननीय मंत्री ने निर्माण कार्य में लगी एजेंसी L&T (Larsen & Toubro) और BSPGCL (बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु परियोजना की वर्तमान प्रगति और निर्माण की गुणवत्ता रही।

मंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • ​परियोजना के फेज-2 के कार्यों में तेजी लाई जाए।
  • ​समय-सीमा (Timeline) का सख्ती से पालन करते हुए इसे शीघ्र पूरा किया जाए।
  • ​गुणवत्ता मानकों के साथ कोई समझौता न हो, ताकि भविष्य में ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित रहे।
Bijendra Prasad Yadav Solar Power Plant Lakhisarai Battery Storage Project India BSPGCL News

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान ऊर्जा विभाग के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति रही। मंत्री जी के साथ BSPGCL एवं SBPDCL के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार (IAS) मौजूद थे। उन्होंने मंत्री जी को बैटरी स्टोरेज सिस्टम की तकनीकी बारीकियों और बिजली वितरण नेटवर्क से इसके जुड़ाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा विभाग के अन्य वरीय अधिकारियों ने भी तकनीकी फीडबैक साझा किया।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

विशेषताविवरण
कुल क्षमता301 मेगावाट (MW)
बैटरी स्टोरेज523 मेगावाट-घंटा (MWh)
स्थानकजरा, लखीसराय (बिहार)
प्रमुख एजेंसीL&T एवं BSPGCL

बिहार अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अब सौर ऊर्जा जैसे स्थायी स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कजरा परियोजना न केवल बिजली उत्पादन करेगी, बल्कि इसकी विशाल बैटरी स्टोरेज क्षमता पीक ऑवर्स के दौरान ग्रिड को मजबूती प्रदान करेगी।— बिजेंद्र प्रसाद यादव, ऊर्जा मंत्री, बिहार

यह परियोजना पूर्ण होने पर बिहार की ‘क्लीन एनर्जी’ प्रोफाइल में मील का पत्थर साबित होगी। 523 MWh का बैटरी स्टोरेज भारत के सबसे बड़े स्टोरेज केंद्रों में से एक होगा, जो रात के समय भी सौर ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

सांसद रामप्रीत मंडल की मेहनत लाई रंग: लौकहा-आनंद विहार ट्रेन अब चलेगी प्रतिदिन, झंझारपुर को मिला बड़ा तोहफा

लौकहा (मधुबनी): झंझारपुर के सांसद रामप्रीत मंडल के निरंतर प्रयासों और क्षेत्र की जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का बड़ा परिणाम आज देखने को मिला है। संसदीय क्षेत्र झंझारपुर अंतर्गत लौकहा बाज़ार (LKQ) से आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन (04013/04014) को अब नियमित (प्रतिदिन) कर दिया गया है।

​लौकहा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस नियमित सेवा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने सांसद की मेहनत की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर बताया।

​🚉 प्रतीक्षा हुई पूरी, अब दिल्ली की राह आसान

​सांसद रामप्रीत मंडल ने लंबे समय से रेल मंत्रालय के समक्ष लौकहा से दिल्ली के लिए सीधी और नियमित ट्रेन की मांग मजबूती से रखी थी। उनकी इस मेहनत का ही नतीजा है कि आज झंझारपुर की जनता की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा समाप्त हुई है।

महत्वपूर्ण जानकारी: आज रात्रि 9:30 बजे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा।

​🙌 शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का विशेष आभार प्रकट किया है।

​कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

समारोह के दौरान स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों में भारी उत्साह देखा गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

श्री अजय आजाद जी (जेडीयू नेता)

श्री संपत कलन्त्री जी (प्रसिद्ध समाजसेवी एवं संयोजक, चैंबर ऑफ कॉमर्स)

भूषण साह (स्थानीय जिला परिषद सदस्य)

संजीव साह ( मुखिया, कारमेघ उत्तरी पंचायत)

दिनेश गुप्ता (बीजेपी नेता)

कमला कांत भारती (जेडीयू नेता)

संजय शौर्य ( संवाददाता, दैनिक जागरण)

साथ ही एनडीए (NDA) के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक।

लौकहा बाज़ार स्टेशन से इस ट्रेन के नियमित परिचालन से न केवल मधुबनी और झंझारपुर के लोगों को यात्रा में आसानी होगी, बल्कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण आर्थिक गतिविधियों और व्यापार को भी नया विस्तार मिलेगा।

घोघरडीहा: रात्रिकालीन टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य आगाज, उद्घाटन मैच में शिवराम ने एकहत्था को दी मात

घोघरडीहा (मधुबनी): स्थानीय प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध दुर्गास्थान के मैदान में शनिवार की रात रात्रिकालीन टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का शानदार शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन घोघरडीहा नगर पंचायत के पूर्व मुख्य पार्षद श्रवण कुमार ठाकुर ने फीता काटकर किया। दूधिया रोशनी में नहाए मैदान पर खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

उद्घाटन मैच का रोमांच: अंतिम ओवर में पलटी बाजी

​टूर्नामेंट का पहला मुकाबला शिवराम और एकहत्था की टीमों के बीच खेला गया।

  • टॉस: शिवराम के कप्तान प्रदीप कुमार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया।
  • एकहत्था की बल्लेबाजी: कप्तान शहजाद के नेतृत्व में मैदान में उतरी एकहत्था की टीम ने निर्धारित 15 ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 157 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
  • शिवराम की जवाबी पारी: लक्ष्य का पीछा करने उतरी शिवराम की टीम ने सधी हुई शुरुआत की। मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया था, लेकिन शिवराम ने 14.3 ओवर में (3 गेंद शेष रहते) 6 विकेट खोकर 158 रन बनाकर जीत दर्ज की और क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

मैन ऑफ द मैच

​शानदार प्रदर्शन और कुशल कप्तानी के लिए शिवराम के कप्तान प्रदीप कुमार को ‘मैन ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से नवाजा गया।

​खेल जीवन का अभिन्न हिस्सा: श्रवण कुमार ठाकुर

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रवण कुमार ठाकुर ने कहा:

ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के रात्रिकालीन मैच का आयोजन अपने आप में रोमांचक है। युवाओं के लिए पढ़ाई जितनी जरूरी है, खेल भी उतना ही आवश्यक है। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुधारता है, बल्कि अनुशासन भी सिखाता है।

उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अपील की।

Ghoghardiha Night Cricket Tournament Inauguration

टूर्नामेंट की मुख्य बातें

​आयोजन समिति के सदस्य सचिन सरस्वती, अभिषेक कुमार झा, राजा सरस्वती और करण कुमार झा ने बताया कि:

  • ​इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
  • ​सभी मैच नॉकआउट आधार पर खेले जाएंगे।
  • ​क्षेत्र के खेल प्रेमियों में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह है।

इस अवसर पर कन्हैया झा, बिट्टू कुमार, जदयू नेता राजीव रंजन बिहारी, अधिवक्ता मुकेश झा आलोक सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी अंत तक मैच का आनंद लेने के लिए मैदान में डटे रहे।

विदाई की बेला में नम हुईं आंखें: बलनी मेहथ स्कूल के स्वर्ण युग की सूत्रधार प्रधानाध्यापिका अहल्या सेवानिवृत्त

झंझारपुर (मधुबनी): शिक्षा के प्रति समर्पण और बेदाग छवि की मिसाल बनीं प्रधानाध्यापिका अहल्या के सम्मान में मध्य विद्यालय, बलनी मेहथ में आयोजित विदाई समारोह एक ऐतिहासिक पल बन गया। करीब 14 वर्षों के लंबे और गौरवशाली कार्यकाल के बाद जब अहल्या ने विद्यालय से अंतिम विदाई ली, तो उनकी आँखें भर आईं। यह दृश्य देख वहां मौजूद सैकड़ों छात्रों और ग्रामीणों का गला भी भर आया।

विकास की पर्याय बनीं अहल्या: संकुल से प्लस-टू तक का सफर

अहल्या का कार्यकाल बलनी मेहथ स्कूल के लिए ‘स्वर्ण युग’ माना जाएगा। उन्हीं के नेतृत्व में न केवल विद्यालय मध्य विद्यालय से उत्क्रमित प्लस टू हाई स्कूल बना, बल्कि उन्हीं के समय में इस विद्यालय को ‘संकुल’ (Cluster) का दर्जा प्राप्त हुआ। वे स्वयं संकुल संचालक के रूप में अन्य विद्यालयों का मार्गदर्शन करती रहीं। उनके अनुशासन और कार्यकुशलता का ही परिणाम था कि 2012 से 2026 तक के लंबे सफर में उन पर कभी कोई सवाल नहीं उठा।

एक दशक से अधिक का बेदाग सफर

​श्रीमती अहल्या ने 14 फरवरी 2012 को इस विद्यालय में अपना योगदान दिया था। तब से लेकर 31 मार्च 2026 तक, उन्होंने अपना पूरा कार्यकाल इसी एक स्कूल को समर्पित कर दिया। उनके कुशल नेतृत्व में ही यह मध्य विद्यालय से ‘उत्क्रमित प्लस टू हाई स्कूल’ के रूप में विकसित हुआ। विशेष बात यह रही कि वे न केवल इस हाई स्कूल की पहली हेडमास्टर बनीं, बल्कि उन्होंने ही इसका उद्घाटन भी किया था। वर्ष 2015 से 2026 तक प्रधानाध्यापिका के पद पर रहते हुए उन पर प्रशासन या समाज की ओर से कोई दाग नहीं लगा, जो उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है।

राकेश कुमार ने संभाली नई जिम्मेदारी

उनकी सेवानिवृत्ति के पश्चात, 1 अप्रैल 2026 से विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद का प्रभार राकेश कुमार ने संभाल लिया है। समारोह के दौरान अहल्या ने उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं और विद्यालय के निरंतर विकास की कामना की।

दूर-दराज से पहुंचे पुराने साथी: गुरु-शिष्य परंपरा की दिखी मिसाल

इस समारोह की सबसे खास बात यह रही कि जो शिक्षक यहाँ से तबादला कराकर दूर जा चुके थे, वे भी अपनी पूर्व प्रधानाध्यापिका को सम्मान देने खिंचे चले आए।

​गया के सिद्धार्थ नारायण और भागलपुर की रंजीता कुमारी, जो यहाँ से ट्रांसफर लेकर जा चुकी हैं, विशेष रूप से समारोह में शामिल हुईं।

​उत्तर प्रदेश के शिक्षक प्रदीप कुमार, जो वर्तमान में यूपी बॉर्डर के पास कार्यरत हैं, उन्होंने भी लंबी दूरी तय कर इस विदाई समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह अहल्या देवी के प्रति उनके सहकर्मियों के प्रेम और सम्मान को दर्शाता है।

जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों का लगा तांता

समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ पंचायत के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में सरपंच के साथ-साथ अन्य प्रमुख लोग भी उपस्थित रहे।

उपस्थित प्रमुख व्यक्ति एवं शिक्षक:

प्रवीण कुमार प्रभाकर (BPRO सह BEO, झंझारपुर), जितेन्द्र झा (मुखिया), रामाकान्त चतुर्वेदी (संचालक), शंभू नाथ झा (समन्वयक), प्रफुल्ल कुमार सिंह, अनिल कुमार झा, मनोज कुमार सिंह, घनश्याम ठाकुर, बच्चन पासवान, विद्यापति, रमेश कुमार ठाकुर, रास बिहारी कामत, रणधीर सिंह, उपेंद्र ना. शर्मा, अरुण कुमार भंडारी, किशोर पासवान, कौशिक आलम, जितेंद्र पाल, प्रफुल्ल सिंह, लेखपाल कौशल यादव, नीलू कुमारी, शालू कुमारी, महालक्ष्मी कुमारी, मुकेश कुमार, दिनेश झा, त्रिवेणी पंडित और विद्यानंद पासवान, सोहन चौपाल, जितेंद्र पाल, सीमा दास एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

समारोह में बलनी मेहथ संकुल के साथ-साथ कोठिया संकुल के शिक्षकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अहल्या मैडम का जाना विद्यालय के लिए एक युग के अंत जैसा है, जिन्होंने शिक्षा के स्तर को सुधारने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा दी।

मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव: बिहार में जीएसटी और वैट संग्रह ने बनाया नया रिकॉर्ड, 43 हजार करोड़ के पार

Minister Bijendra Prasad Yadav announcing record Bihar GST revenue collection of 43,324 crores for FY 2025-26.

बिहार के वाणिज्य कर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रह के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विभागीय मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने गुरुवार को पटना स्थित ‘कर भवन’ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा की।

​मुख्य आकर्षण: एक नजर में

​विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में न केवल अपने पिछले रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के शीर्ष राज्यों में अपनी जगह बनाई है।

  • कुल राजस्व संग्रह: ₹43,324.79 करोड़
  • पिछले वर्ष के मुकाबले वृद्धि: 4.09%
  • जीएसटी संग्रह में वृद्धि: 9.20% (राष्ट्रीय औसत 6% से अधिक)
  • जीएसटी वृद्धि में स्थान: देश में चौथा

राजस्व संग्रह का विस्तृत विवरण

सचिव संजय कुमार सिंह ने आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया कि कुल संग्रह में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वस्तु एवं सेवा कर (GST) की रही है।

जीएसटी (GST) संग्रह की स्थिति

​विभाग ने अकेले जीएसटी मद में ₹32,801 करोड़ जुटाए, जो पिछले साल की तुलना में 11.7% अधिक था। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा आईजीएसटी (IGST) बैलेंस समायोजन के कारण ₹724 करोड़ की कटौती की गई, जिसके बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह ₹32,077.22 करोड़ रहा।

मदविवरण
कुल संग्रह (2025-26)₹43,324.79 करोड़
कुल संग्रह (2024-25)₹41,623.96 करोड़
नकद संग्रह वृद्धि (SGST, CGST, IGST)10.60%

राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का प्रदर्शन

​मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने गर्व के साथ बताया कि उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी स्लैब में कटौती के बावजूद बिहार ने शानदार प्रदर्शन किया है:

राष्ट्रीय औसत को पछाड़ा: जहां देश की औसत जीएसटी वृद्धि 6% रही, वहीं बिहार ने इसे काफी पीछे छोड़ दिया है।

जीएसटी वृद्धि दर: बिहार 9.20% की वृद्धि के साथ देश में चौथे स्थान पर है।

नकद संग्रह: सभी नकद संग्रहों (SGST, CGST, IGST और उपकर) के मामले में बिहार, कर्नाटक के बाद देश में दूसरे स्थान पर रहा है।

यह विभाग की कार्यकुशलता और राज्य में बेहतर आर्थिक गतिविधियों का परिणाम है। अभी ये आंकड़े अनंतिम (Provisional) हैं, क्योंकि ‘पेशा कर’ (Professional Tax) के आंकड़े जुड़ने के बाद संग्रह में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।— बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री, वाणिज्य कर विभाग

बिहार सरकार के लिए यह आंकड़े उत्साहजनक हैं। विभाग का मानना है कि पारदर्शी कर प्रणाली और बेहतर निगरानी के कारण राजस्व में यह उछाल देखने को मिला है। आने वाले दिनों में पेशा कर के अंतिम आंकड़े आने के बाद यह रिकॉर्ड और भी बेहतर हो सकता है।