Home Blog

मधुबनी: रामनवमी और चैती दुर्गा पूजा को लेकर लखनौर थाना में शांति समिति की बैठक, विधि-व्यवस्था पर हुई चर्चा

लखनौर, मधुबनी। आगामी रामनवमी और दैयाखरवार में आयोजित होने वाली नव चैती दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर क्षेत्र में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए मधुबनी जिले के लखनौर थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

प्रशासन ने दिए कड़े निर्देश

​बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), लखनौर द्वारा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाएगी।

समिति सदस्यों को सौंपी गई जिम्मेदारी

​बैठक में उपस्थित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:

  • आपसी सहयोग: सभी कमेटी मेंबर आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें।
  • भीड़ प्रबंधन: पूजा और जुलूस के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती।
  • सोशल मीडिया पर नजर: किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाहों पर ध्यान न देने और तुरंत पुलिस को सूचित करने की अपील।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

​इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के कई स्थानीय प्रतिनिधि और समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से:

  • ​स्थानीय मुखिया एवं सरपंच
  • ​थाना अध्यक्ष एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी
  • ​क्षेत्र के विभिन्न गांवों के गणमान्य नागरिक

​बैठक के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया और संकल्प लिया कि रामनवमी और चैती दुर्गा पूजा का पर्व आपसी भाईचारे के साथ हर्षोल्लास से मनाया जाएगा।

खुटौना: SRN NETWORKS का भव्य शुभारंभ, जिला पार्षद नीलम यादव और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राम लखन यादव ने किया उद्घाटन

खुटौना: मधुबनी जिले के खुटौना बाजार में आज तकनीकी सेवाओं के एक नए केंद्र ‘SRN NETWORKS’ का धमाकेदार आगाज हुआ। इस भव्य उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में लौकहा विधानसभा प्रत्याशी सह जिला पार्षद राम लखन यादव और जिला परिषद क्षेत्र संख्या 39 की जिला पार्षद नीलम यादव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर संस्थान का शुभारंभ किया।

​इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी। अतिथियों ने प्रोपराइटर संजय कुमार यादव को इस नई पहल के लिए बधाई दी और कहा कि आधुनिक युग में बेहतर इंटरनेट और तकनीकी सेवाओं की उपलब्धता क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

मेला और बड़े आयोजनों के लिए खास सुविधा (CCTV)

​SRN NETWORKS की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब क्षेत्र में होने वाले बड़े मेलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रैलियों और बड़े आयोजनों में हाई-टेक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की सुरक्षा के लिए कहीं बाहर नहीं भटकना पड़ेगा। संस्थान बड़े स्तर पर सुरक्षा निगरानी की सुविधा भी प्रदान कर रहा है।

एक ही छत के नीचे डिजिटल समाधान:

  • हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट: खुटौना और आसपास के इलाकों के लिए बेहतरीन कनेक्टिविटी।
  • सीसीटीवी इंस्टॉलेशन: घर, दुकान और बड़े आयोजनों के लिए खास सुरक्षा व्यवस्था।
  • कंप्यूटर और लैपटॉप: सेल, सर्विस और एक्सपर्ट रिपेयरिंग।
  • एलईडी टीवी और जीपीएस ट्रैकर: वाहनों की सुरक्षा के लिए जीपीएस की सुविधा।
  • डाटा रिकवरी और प्रिंटर सर्विस: खोया हुआ डाटा वापस पाने और प्रिंटिंग संबंधी सभी काम।

संपर्क सूत्र:

  • पता: खुटौना बाजार, सेंट्रल बैंक के बगल वाली गली में, मधुबनी।
  • मोबाइल: 7303030321
  • ईमेल: srnnetworks@gmail.com

शुभकामनाएं: उद्घाटन के मौके पर समाजसेवी राजू यादव सहित कई स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों ने संस्थान की सफलता की कामना की। अब डिजिटल सेवाओं के लिए खुटौना के लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना होगा।

बिहार दिवस 2026: प्रधानमंत्री ने दी बधाई, गौरवशाली विरासत और विकास की नई उड़ान का किया जिक्र

​Bihar Diwas 2026: PM Modi's Special Message and Development Vision

बिहार दिवस के विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार और बिहार के समस्त नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं भेजी हैं। 22 मार्च, 2026 को लिखे गए इस संदेश में प्रधानमंत्री ने बिहार के प्राचीन इतिहास से लेकर आधुनिक विकास की यात्रा और वैश्विक पहचान तक का भावपूर्ण उल्लेख किया है।

​आइए जानते हैं प्रधानमंत्री के इस पत्र की मुख्य बातें:

​1. प्राचीन ज्ञान और नैतिकता की धरती

​प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बिहार को ज्ञान, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों की जननी बताया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि:

  • भगवान बुद्ध के विचार आज भी वैश्विक चेतना का हिस्सा हैं।
  • आचार्य चाणक्य और सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की जोड़ी ने इसी भूमि से एक सशक्त और संगठित भारत की नींव रखी थी।
  • ​बिहार की यह विरासत आज भी भारत की सोच और दिशा को प्रेरित करती है।

2. ‘कड़ी मेहनत और प्रतिभा’ की वैश्विक पहचान

​प्रधानमंत्री ने बिहार के लोगों की कर्मठता की सराहना करते हुए कहा कि बिहारवासियों ने दुनिया भर में अपनी मेहनत और ईमानदारी से एक अलग पहचान बनाई है। चाहे सेवा क्षेत्र हो, उद्योग, शिक्षा या कला-संगीत, हर जगह बिहार का योगदान अतुलनीय है।

​उन्होंने अपने मुख्यमंत्री काल के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे सूरत के विकास में बिहार के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, मॉरीशस, गुयाना और त्रिनिदाद एंड टोबैगो जैसे देशों में भी बिहार की संस्कृति के फलने-फूलने पर गर्व व्यक्त किया।

3. लोकतंत्र के रक्षक और महान विभूतियां

​पत्र में बिहार की उन महान विभूतियों को नमन किया गया जिन्होंने भारत के लोकतंत्र को आकार दिया:

  • चंपारण सत्याग्रह: महात्मा गांधी ने यहीं से आजादी के संघर्ष को नई ऊर्जा दी।
  • संविधान निर्माण: डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सच्चिदानंद सिन्हा और बाबू जगजीवन राम के योगदान को याद किया गया।
  • लोकतंत्र की रक्षा: 1970 के दशक में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संघर्ष और जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने का भी जिक्र हुआ।

​4. विकास के नए आयाम: केंद्र और राज्य की जुगलबंदी

​प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में बिहार में हुए बुनियादी बदलावों और केंद्र सरकार की योजनाओं की सफलता के आंकड़े साझा किए:

योजना का नामउपलब्धि (बिहार में)
पीएम आवास योजना40 लाख से अधिक घर निर्मित
उज्ज्वला योजना1.20 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन
सौभाग्य योजनाहर घर तक बिजली की पहुंच
पीएम किसान सम्मान निधिकिसानों के खातों में ₹30,000 करोड़ से अधिक
लखपति दीदी31 लाख से अधिक महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

5. सांस्कृतिक विस्तार: महापर्व छठ

​प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की सांस्कृतिक परंपराएं अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। महापर्व छठ इसका सबसे सशक्त उदाहरण है, जो अब न केवल भारत बल्कि दुनिया भर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।

प्रधानमंत्री का यह पत्र न केवल बिहार के गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य और विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। बिहार के लोगों की ‘सांस्कृतिक समृद्धि’ और ‘विकास की आकांक्षा’ ही आज के नए भारत की पहचान बन रही है।

फुलपरास नगर पंचायत: विकास की नई उड़ान, वार्ड 12 में सड़क सह नाला निर्माण कार्य का हुआ शिलान्यास

फुलपरास (मधुबनी): नगर पंचायत फुलपरास को आदर्श और विकसित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शनिवार को वार्ड संख्या 12 में जनहित को ध्यान में रखते हुए सड़क सह नाला निर्माण कार्य का भव्य शिलान्यास किया गया।

​इस परियोजना का शुभारंभ मुख्य पार्षद धर्मेंद्र कुमार साह, उप मुख्य पार्षद अनीशा भारती और वार्ड 12 की पार्षद अभिलाषा झा द्वारा संयुक्त रूप से नारियल फोड़कर और आधारशिला रखकर किया गया।

विकास की ओर अग्रसर फुलपरास

​शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान स्थानीय निवासियों को संबोधित करते हुए मुख्य पार्षद धर्मेंद्र कुमार साह ने कहा कि नगर पंचायत प्रशासन हर वार्ड में मूलभूत सुविधाएं पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए नाला निर्माण और आवागमन को सुगम बनाने के लिए सड़कों का जाल बिछाना उनकी प्राथमिकता है।

मुख्य बातें:

  • परियोजना: सड़क सह नाला निर्माण कार्य।
  • स्थान: वार्ड नंबर 12, नगर पंचायत फुलपरास।
  • नेतृत्व: मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद एवं वार्ड पार्षद।
  • लक्ष्य: बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और पक्की सड़कों के जरिए वार्ड का सौंदर्यीकरण।

​वार्ड पार्षद अभिलाषा झा ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इस निर्माण कार्य से स्थानीय लोगों को वर्षों पुरानी कीचड़ और जलजमाव की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इस अवसर पर नगर पंचायत के अन्य गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय ग्रामीण भारी संख्या में उपस्थित रहे।

प्रोप्राइटर: सुमन सिंह

निर्माण: ऋषिकेश इंटरप्राइजेज (Rishekesh Enterprises)

बिहार के उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी: 1 अप्रैल से सस्ती होगी बिजली, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दी जानकारी

पटना: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने नए वित्तीय वर्ष में बिजली की दरों में बढ़ोतरी न करने का फैसला लिया है। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने स्पष्ट किया है कि सरकार आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने देगी।

आयोग ने खारिज किया बिजली कंपनियों का प्रस्ताव

​बिहार की बिजली कंपनियों (NBPDCL और SBPDCL) ने इस वर्ष 35 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव आयोग के सामने रखा था। हालांकि, लंबी जनसुनवाई और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए, आयोग के अध्यक्ष आमिर सुभानी और उनकी टीम ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

​ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव का बयान

​बिजली दरों पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि:

​”हमारी सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर घर तक सस्ती और निर्बाध बिजली पहुंचे। हमने बिजली कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए ₹15,792 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान किया है ताकि आम आदमी के बिल में कोई बढ़ोतरी न हो।”

1 अप्रैल से क्या-क्या बदलेगा?

  1. स्लैब का विलय: ग्रामीण और शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पहले जो दो अलग-अलग स्लैब (0-100 यूनिट और 100 से अधिक) हुआ करते थे, अब उन्हें एक कर दिया गया है।
  2. सस्ती होगी बिजली: स्लैब के एक होने से उन उपभोक्ताओं को सीधा फायदा होगा जिनकी खपत 100 यूनिट से अधिक है, क्योंकि उनके लिए प्रति यूनिट दर अब कम हो जाएगी।
  3. कृषि और कुटीर ज्योति: किसानों और ‘कुटीर ज्योति’ कनेक्शन वाले गरीब परिवारों के लिए पुरानी दरें ही प्रभावी रहेंगी।

​सब्सिडी का बढ़ता आंकड़ा

​ऊर्जा विभाग द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी में हर साल बढ़ोतरी की जा रही है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:

वित्तीय वर्षसब्सिडी की राशि (करोड़ में)
2023-24₹13,114 करोड़
2024-25₹15,343 करोड़
2025-26₹15,792 करोड़

ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के नेतृत्व में बिहार बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। 1 अप्रैल से लागू होने वाली ये नई दरें न केवल आम आदमी की जेब बचाएंगी, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती देंगी।

​बिजली चोरी रोकने और स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के अभियान में भी तेजी लाई जा रही है ताकि भविष्य में दरें और भी कम की जा सकें।

बिहार में बड़ी कार्रवाई: महिला अधिकारी ₹12,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, दफ्तर में ही Vigilance ने दबोचा

Nalanda BPRO Anushka arrested by Bihar Vigilance team for taking bribe

पटना/नालंदा: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘नीतीश सरकार’ के जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड में तैनात एक महिला अधिकारी को रिश्वत लेते हुए उनके अपने ही कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार किया गया है।

मामला क्या है?

​गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनुष्का के रूप में हुई है, जो नगरनौसा प्रखंड (नालंदा) में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) के पद पर तैनात थीं। निगरानी विभाग की टीम ने शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को उन्हें 12,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

“छठ घाट निर्माण की सामग्री का भुगतान करने के बदले मांगी गई थी घूस”

शिकायतकर्ता ने खोली पोल

​खबर के अनुसार, अजय कुमार (निवासी: खपुरा, नगरनौसा) ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। अजय कुमार ने बताया कि उन्होंने छठ घाट के निर्माण के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति की थी। इस सामग्री के बकाया भुगतान (Payment Clearance) के बदले में अधिकारी श्रीमती अनुष्का द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।

Nalanda BPRO Anushka arrested by Bihar Vigilance team for taking bribe

कैसे बिछाया गया जाल?

​शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने पर पुलिस उपाध्यक्ष श्री पवन कुमार-II के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (Raid Team) का गठन किया गया। शुक्रवार को जैसे ही अजय कुमार ने अधिकारी को रिश्वत के पैसे दिए, टीम ने उन्हें उनके चैंबर में ही दबोच लिया।

2026 में भ्रष्टाचार पर ‘निगरानी’ का प्रहार (Statistics)

​निगरानी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 34वीं प्राथमिकी (FIR) है।

  • कुल ट्रैप केस: 29
  • रंगे हाथ गिरफ्तार अभियुक्त: 23
  • कुल बरामद राशि: ₹8,84,000

अगर आपसे भी कोई मांगे रिश्वत, तो यहाँ करें शिकायत:

​निगरानी ब्यूरो ने जनता से अपील की है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं। आप इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

  • लैंडलाइन: 0612-2215030, 2215036
  • हेल्पलाइन: 0612-2215344
  • मोबाइल/व्हाट्सएप: 9473494167, 7765953261
  • ईमेल: spvig-bih@nic.in

गोपालगंज: हत्या मामले में राजू सिंह और विनय मिश्र को आजीवन कारावास, कोर्ट ने लगाया 50 हजार का जुर्माना

Gopalganj Court Sentence Raju Singh Vinay Mishra

गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले से न्याय की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भोरे थाना क्षेत्र के एक पुराने हत्या कांड (कांड सं.- 205/19) में माननीय न्यायालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को कड़ी सजा सुनाई है।

मामले का विवरण

​गोपालगंज पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश किए गए पुख्ता सबूतों और समय पर दाखिल की गई चार्जशीट के आधार पर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-02 ने अभियुक्तों को दोषी करार दिया। पुलिस की जांच में यह साबित हुआ कि इन दोनों ने हत्या की घटना को अंजाम दिया था।

Gopalganj Court Sentence Raju Singh Vinay Mishra

सजा का ऐलान

​न्यायालय ने निम्नलिखित अभियुक्तों को धारा-302 भा.दं.वि. (IPC Section 302) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई:

  1. राजू सिंह (साकिन- भोरे)
  2. विनय मिश्र (साकिन- भदवही)

न्यायालय द्वारा दी गई सजा:

  • आजीवन कारावास: दोनों दोषियों को जीवन भर जेल की सजा।
  • अर्थदण्ड: दोनों पर 50,000/- रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।

पुलिस की बड़ी कामयाबी

​इस मामले में गोपालगंज पुलिस की प्रभावी पैरवी और ठोस साक्ष्य संकलन की सराहना की जा रही है। पुलिस द्वारा कोर्ट में समय पर साक्ष्य प्रस्तुत करने के कारण ही अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाया जा सका। इस फैसले से समाज में कानून के प्रति विश्वास बढ़ा है और अपराधियों के बीच कड़ा संदेश गया है।

मिथिला महोत्सव 2026: कला संस्कृति मंत्री ने किया सांस्कृतिक संध्या का भव्य शुभारंभ, मैथिली गीतों और कॉमेडी की रही धूम

मधुबनी | 20 मार्च, 2026 मधुबनी के वाट्सन उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित मिथिला महोत्सव 2026 की सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन शुक्रवार को बिहार के कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार और जिला परिषद अध्यक्षा बिंदु गुलाब यादव सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

Minister Arun Shankar Prasad lighting lamp at Mithila Mahotsav 2026 Madhubani

पग-पग पोखर माछ मखान – मिथिला की विरासत पर बोले मंत्री

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने मधुबनी को मिथिलांचल की हृदय स्थली बताया। उन्होंने कहा:

​”एक ही जिले से चित्रकला के क्षेत्र में 5 पद्मश्री पुरस्कार मिलना गौरव की बात है। मिथिला की संस्कृति विद्यापति, कालिदास और गार्गी जैसे विद्वानों की विरासत है। सरकार आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है ताकि मधुबनी विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी खास पहचान बना सके।”

​उन्होंने यह भी कहा कि महोत्सव के दौरान वर्षा का होना एक सुखद संयोग है, जो इस कृषि प्रधान जिले के लिए शुभ संकेत है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आकर्षण: भव्या पंडित और निखिल महादेव झा

​सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया:

  • भव्या पंडित (इंडियन आइडल फेम): प्रसिद्ध राष्ट्रीय कलाकार भव्या पंडित की सुरीली आवाज और बेहतरीन प्रदर्शन ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी प्रस्तुति पर युवा दर्शक झूमते नजर आए।
  • निखिल महादेव झा: प्रख्यात मैथिली कलाकार निखिल महादेव झा ने पारंपरिक मैथिली गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
  • सतीश पप्पू (कॉमेडियन): मशहूर हास्य कलाकार सतीश पप्पू के चुटकुलों और व्यंग्य के फुहारों ने उपस्थित जनसमूह को लोट-पोट कर दिया।

युवाओं से अपील: मिथिला के मान को दुनिया में बढ़ाएं

​जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अपने संबोधन में जिले के युवाओं से अपील की कि वे अपनी परंपरा को अक्षुण्ण रखते हुए मधुबनी और मिथिला का नाम देश-विदेश में रोशन करें। उन्होंने पर्यटन और विकास के नए अवसरों पर भी चर्चा की।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी:

​महोत्सव के दौरान सुरक्षा और प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम दिखे। इस अवसर पर निम्नलिखित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे:

  • योगेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक
  • बिंदु गुलाब यादव, अध्यक्षा, जिला परिषद
  • सुमन प्रसाद साह, डीडीसी
  • संतोष कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा)
  • उमेश कुमार भारती, नगर आयुक्त
  • चंदन कुमार झा, एसडीएम, सदर मधुबनी
  • परिमल कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी

भ्रष्टाचार का हाई वोल्टेज: लाइनमैन से बना करोड़पति, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के रडार पर दरभंगा का ओम प्रकाश

दरभंगा करोड़पति लाइनमैन ओम प्रकाश आलीशान मकान जांच
प्रतीकात्मक चित्र (AI द्वारा निर्मित)

दरभंगा। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही ‘जीरो टॉलरेंस’ की मुहिम के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बिजली विभाग के बहादुरपुर सेक्शन में तैनात एक साधारण सा लाइनमैन, ओम प्रकाश, आज अपनी अकूत संपत्ति और आलीशान जीवनशैली के कारण आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के निशाने पर है। आरोप है कि लाइनमैन की वर्दी की आड़ में ओम प्रकाश ने लाइजनिंग और उगाही का ऐसा साम्राज्य खड़ा किया, जिसने उसे रातों-रात करोड़पति बना दिया।

लाइनमैन की आड़ में ‘सिंडिकेट’ का संचालन

सूत्रों के मुताबिक, ओम प्रकाश केवल बिजली के खंभों तक सीमित नहीं था। विभाग के भीतर उसकी पहचान एक ऐसे ‘लाइजनर’ के रूप में थी, जो बड़े अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच सेतु का काम करता था। आरोप है कि वह बिजली विभाग के बड़े पदाधिकारियों के लिए उगाही और लाइजनिंग (Liaisoning) का सारा खेल मैनेज करता था। इसी प्रभाव का इस्तेमाल कर उसने ठेकेदारी और अवैध वसूली के जरिए करोड़ों की काली कमाई जमा की है।

दोनार गंज का ‘सफेद महल’ चर्चा का केंद्र

दरभंगा शहर के दोनार गंज इलाके में स्थित ओम प्रकाश का आलीशान मकान इन दिनों पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक लाइनमैन के वेतन से इतना भव्य और कीमती मकान बनाना नामुमकिन माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और विभागीय सूत्रों की मानें तो यह मकान भ्रष्टाचार की नींव पर खड़ा है। EOU की टीम अब इस संपत्ति के साथ-साथ अन्य निवेशों का भी ब्योरा खंगाल रही है।

EOU की रडार पर बड़ा नेटवर्क

आर्थिक अपराध इकाई को शक है कि ओम प्रकाश महज एक मोहरा है। इसके पीछे बिजली विभाग के कई बड़े सफेदपोश अधिकारियों का हाथ हो सकता है। जांच के केंद्र में मुख्य रूप से ये बिंदु हैं:

  • अवैध ठेकेदारी: क्या सरकारी पद पर रहते हुए उसने अपने करीबियों के नाम पर ठेके लिए?
  • लाइजनिंग का खेल: किन-किन बड़े अधिकारियों तक उगाही की रकम पहुंचाई जाती थी?
  • बेनामी संपत्ति: दरभंगा और उसके आसपास अन्य कितनी संपत्तियां ओम प्रकाश और उसके परिजनों के नाम पर हैं?

जीरो टॉलरेंस के तहत होगी कार्रवाई

राज्य सरकार और विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। ओम प्रकाश के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही उसकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। इस खुलासे के बाद बिजली विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि जांच की आंच कई वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच सकती है।

“साधारण वेतन पाने वाला एक लाइनमैन आखिर कैसे करोड़ों का मालिक बन गया? यह जांच का विषय है। आर्थिक अपराध इकाई इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचेगी।” – (विभागीय सूत्र)

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी प्राप्त सूत्रों और सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं पर आधारित है। संबंधित विभाग या आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा जांच अभी जारी है। किसी भी व्यक्ति पर लगे आरोपों की पुष्टि केवल कानूनी प्रक्रिया और अदालत के माध्यम से ही संभव है। हमारा उद्देश्य केवल सूचना साझा करना है, किसी की छवि को धूमिल करना नहीं।

बिहार के कुबेर बिजली इंजीनियर का खुलासा: 100 करोड़ का साम्राज्य, नेपाल में प्रेमिका के लिए बंगला और दार्जिलिंग में चाय बागान

मधुबनी/पटना: बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा आप मधुबनी के जयनगर में तैनात बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) मनोज कुमार रजक की कुंडली देखकर लगा सकते हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी में जो सच सामने आया है, उसने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। साहब ने जनता की गाढ़ी कमाई से ‘काली संपत्ति’ का ऐसा पहाड़ खड़ा किया है कि जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए हैं।

⚡ सरहद पार ‘इश्क’ और ‘अय्याशी’ का साम्राज्य

​खबरों के मुताबिक, इंजीनियर साहब का रसूख सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं था। उन्होंने पड़ोसी देश नेपाल के सुनसरी में अपनी एक महिला रिश्तेदार (प्रेमिका) के लिए आलीशान बंगला बनवा रखा था। हद तो तब हो गई जब यह पता चला कि उस बंगले को बनवाने के लिए मजदूर भी साहब अपने गांव से ही भेजते थे।

📌 छापेमारी के वो 5 बड़े खुलासे जो आपको हैरान कर देंगे:

  1. 100 करोड़ की काली कमाई: शुरुआती जांच में साहब की कुल संपत्ति 100 करोड़ के आसपास आंकी जा रही है। सरकारी फाइलों में आय से 62.66% अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है।
  2. जमीन का अंबार (17 कीमती प्लॉट): अररिया, सुपौल, दरभंगा और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में कुल 17 कीमती प्लॉट के दस्तावेज मिले हैं। कागजों पर कीमत 1 करोड़ है, लेकिन मार्केट वैल्यू 3 करोड़ से भी ज्यादा है।
  3. दार्जिलिंग में चाय बागान और पेट्रोल पंप: साहब को चाय का इतना शौक था कि उन्होंने दार्जिलिंग में पार्टनरशिप में चाय बागान ही खरीद लिया। साथ ही, पत्नी वीणाश्री भारती के नाम पर पेट्रोल पंप और भाई के नाम पर गैस एजेंसी खोलने की पूरी तैयारी थी।
  4. सरकारी तंत्र से ‘महा-जालसाजी’: भ्रष्टाचार का गजब नमूना देखिए! साहब ने अपनी ही निजी स्कॉर्पियो गाड़ी को अपने ही सरकारी दफ्तर में किराए पर लगवा रखा था और उसका भाड़ा खुद ही डकार रहे थे।
  5. पूरा परिवार लपेटे में: EOU ने इस काले खेल में इंजीनियर के भाई संजय रजक और पिता बद्रीनारायण रजक को भी सह-अभियुक्त बनाया है।

💸 जनता अंधेरे में, साहब का साम्राज्य ‘रोशन’

​एक तरफ बिहार की जनता बिजली के बढ़ते बिल और अघोषित कटौती से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ विभाग के ये ‘कुबेर’ अपनी काली कमाई से नेपाल तक साम्राज्य रोशन कर रहे थे। 10 ठिकानों पर हुई 7 घंटे की छापेमारी में भारी कैश, गहने और महंगी गाड़ियां (स्विफ्ट डिजायर और स्कॉर्पियो) बरामद हुई हैं।

भ्रष्ट अधिकारियों पर आपका क्या कहना है?

बिहार के इस ‘पावरफुल’ इंजीनियर की काली करतूतों पर आपकी क्या राय है? क्या ऐसे अधिकारियों की संपत्ति तुर कुर्क कर जेल भेज देना चाहिए?

​अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें और भ्रष्टाचार के खिलाफ इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

b