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न्याय का चीरहरण: थाने में अनसुनी हुई चीखें, वायरल ऑडियो ने खोली सिस्टम की पोल

मधुबनी (बिहार): जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और सत्ता की हनक मानवीय संवेदनाओं पर हावी हो जाए, तो लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ही अंतिम उम्मीद बचता है। बिहार के मधुबनी जिले के ललमनियां थाना क्षेत्र से आई खबर सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है। यहाँ एक 43 वर्षीय दलित महिला, ललिता देवी को न केवल खंभे से बांधकर पीटा गया, बल्कि सार्वजनिक रूप से उनके कपड़े फाड़कर उनका मान-मर्दन किया गया।

​घटना का क्रम: भूमि विवाद और ‘दबंगई’ का नंगा नाच

​15 मार्च 2026 की दोपहर, जब ललिता देवी अपने ससुर की खतियानी जमीन पर फूस का घर बनवा रही थीं, तब गांव के ही दबंगों (अविनाश पंडित व अन्य) ने उन पर हमला बोल दिया। पीड़िता का आरोप है कि:

  • ​उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं।
  • ​खंभे से बांधकर बेरहमी से पिटाई की गई।
  • ​भीड़ के सामने उनकी साड़ी और ब्लाउज फाड़ दिए गए, जो किसी भी स्त्री की गरिमा पर सबसे गहरा प्रहार है।

​सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि ग्राम कचहरी पहले ही इस भूमि पर पीड़िता के पक्ष में फैसला सुना चुकी है। इसके बावजूद, न्यायिक आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए इस बर्बरता को अंजाम दिया गया।

​पुलिस की भूमिका: फरियादी ही बना अपराधी?

​इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे। पीड़िता के अनुसार:

  1. प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी: थाने पहुंचने पर न्याय देने के बजाय उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा।
  2. पक्षपात का आरोप: पुलिस ने कथित तौर पर आरोपियों को हिरासत से छोड़ दिया, जबकि पीड़िता पक्ष को ही थाने में रोके रखा।
  3. वायरल ऑडियो: थानाध्यक्ष और पीड़िता के बीच की कथित बातचीत का ऑडियो पुलिसिया संवेदनहीनता की पुष्टि करता है, जिसमें न्याय की गुहार लगाती महिला को प्रशासनिक दुत्कार मिल रही है।

​प्रेस का दृष्टिकोण: क्या यह सिर्फ जमीन का विवाद है?

​यह मामला महज दो गुटों के बीच जमीन की लड़ाई नहीं है। यह जातिगत वर्चस्व और पितृसत्तात्मक दमन का मिश्रण है। दलित समुदाय की महिलाओं को सॉफ्ट टारगेट बनाना और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करना, सामाजिक पदानुक्रम को बनाए रखने का एक पुराना और क्रूर हथियार रहा है।

​”जब पुलिस प्रशासन ‘शक्ति’ के आगे नतमस्तक हो जाता है, तो कानून की धाराएं सिर्फ कागजों का हिस्सा बनकर रह जाती हैं।”

​मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं:

​वायरल ऑडियो में दिख रही संवेदनहीनता पर क्या उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया है?

​क्या बिहार में SC/ST एक्ट और महिलाओं की सुरक्षा के दावे केवल कागजी हैं?

​ग्राम कचहरी के फैसले के बावजूद पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं मुहैया कराई?

BSEB Bihar Board 10th Result 2026: क्या आज जारी होगा मैट्रिक का रिजल्ट? जानें लेटेस्ट अपडेट

बिहार बोर्ड (BSEB) एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर है। इंटरमीडिएट (12वीं) का रिजल्ट 23 मार्च को सफलतापूर्वक घोषित करने के बाद, अब बिहार विद्यालय परीक्षा समिति मैट्रिक यानी 10वीं के नतीजों को लेकर अपनी अंतिम तैयारी में जुट गई है।

​अगर आप भी इस साल मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हुए हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

रिजल्ट को लेकर क्या है ताजा अपडेट?

​बोर्ड के विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन (Copy Evaluation) का कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है। वर्तमान में टॉपर्स के वेरिफिकेशन और इंटरव्यू की प्रक्रिया चल रही है।

नोट: बिहार बोर्ड की यह खास परंपरा है कि रिजल्ट जारी करने से पहले टॉप-10 में आने वाले मेधावी छात्रों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बनाए रखना है।

कब घोषित होंगे नतीजे?

​पिछले साल (2025) के आंकड़ों पर नजर डालें तो मैट्रिक का रिजल्ट 29 मार्च को दोपहर 12:15 बजे जारी किया गया था। इस साल भी उम्मीद जताई जा रही है कि बोर्ड मार्च के आखिरी हफ्ते (संभवतः 30 या 31 मार्च) तक नतीजे घोषित कर देगा। हालांकि, सोशल मीडिया पर चर्चा है कि बोर्ड आज भी चौंकाने वाला फैसला ले सकता है।

एक नजर परीक्षा के आंकड़ों पर

विवरणआंकड़े
परीक्षा की तिथि15 फरवरी से 23 फरवरी 2026
कुल परीक्षार्थीलगभग 16 लाख से अधिक
रिजल्ट की संभावित तिथि30-31 मार्च 2026
आधिकारिक वेबसाइटresults.biharboardonline.com

रिजल्ट कैसे चेक करें? (Step-by-Step Guide)

​जैसे ही रिजल्ट का लिंक एक्टिव होगा, छात्र नीचे दिए गए चरणों का पालन कर अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं:

  1. ​बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. ​होमपेज पर ‘Annual Secondary Examination Result 2026’ के लिंक पर क्लिक करें।
  3. ​अपना Roll Code और Roll Number दर्ज करें।
  4. ​कैप्चा कोड भरकर ‘View’ बटन पर क्लिक करें।
  5. ​आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिख जाएगा, इसे भविष्य के लिए डाउनलोड या प्रिंट कर लें।

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

अफवाहों से बचें: केवल आधिकारिक घोषणा पर ही विश्वास करें।

एडमिट कार्ड तैयार रखें: रिजल्ट देखते समय हड़बड़ी न हो, इसलिए अपना एडमिट कार्ड पास रखें।

मार्कशीट की जानकारी: ऑनलाइन डाउनलोड की गई मार्कशीट प्रोविजनल होगी। आपकी ओरिजिनल मार्कशीट और सर्टिफिकेट कुछ दिनों बाद आपके संबंधित स्कूल से प्राप्त होंगे।

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: डायरेक्ट लिंक सूची

​रिजल्ट जारी होते ही भारी ट्रैफिक के कारण आधिकारिक वेबसाइट स्लो हो सकती है, इसलिए आप इन वैकल्पिक लिंक्स का उपयोग कर सकते हैं:

वेबसाइट का नामडायरेक्ट लिंक (क्लिक करें)
BSEB Official Portalresults.biharboardonline.com
BSEB Main Websitebiharboardonline.bihar.gov.in
Secondary Result Linksecondary.biharboardonline.com
India Results (Third Party)bihar.indiaresults.com

मधुबनी: BDO की निजी दुश्मनी ने लोकतंत्र को किया शर्मसार! पैक्स चुनाव में रची गई हार की साजिश? मलखान सिंह का बड़ा धमाका

Malkhan Singh exposing PACS election rigging in Laukhahi

लौकही, मधुबनी: मधुबनी जिले के लौकही प्रखंड में पैक्स चुनाव अब सिर्फ एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि ‘बदले की राजनीति‘ का अखाड़ा बन गया है। जिला पार्षद सदस्य मलखान सिंह ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। मलखान सिंह का दावा है कि उनके पिता को हराने के लिए प्रशासन ने न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि रंजिश निकालने के लिए पूरे तंत्र का दुरुपयोग किया।

1. एक वोटर, दो पंचायत: नियम-कानूनों की उड़ी धज्जियां

​मलखान सिंह ने दस्तावेजी सबूतों के साथ खुलासा किया है कि तीन ऐसे लोग पाए गए हैं जिनका नाम दो अलग-अलग पंचायतों की मतदाता सूची में शामिल है। इतना ही नहीं, एक व्यक्ति का नाम तो सहकारी समितियों के नरेंद्रपुर में भी दर्ज है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक व्यक्ति ने दो-दो पंचायतों में जाकर अपना वोट गिराया, जो सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया की शुचिता का उल्लंघन है।

इन नामों ने खोली धांधली की पोल (सबूत के साथ)

हीरा देवी (पति: स्वर्गीय रामचंद्र यादव): इनका नाम भी अवैध तरीके से दो सूचियों में दर्ज पाया गया है।

विदेश्वर सहाय (पिता: लक्ष्मी सहाय): इनका नाम दो पंचायतों की मतदाता सूची में शामिल है।

अनीता देवी (पति: राधेश्याम यादव): इनका नाम भी दो जगह है और ये महिला सहकारी समिति, नरेंद्रपुर में सदस्य भी हैं।

2. 18 साल से कम उम्र के बच्चों से डलवाए वोट!

अनियमितता की हद तो तब पार हो गई जब मतदाता सूची में नाबालिगों के नाम भी सामने आए। मलखान सिंह ने दो विशिष्ट नाम सार्वजनिक किए हैं:

गुंजा कुमारी (पिता: जितेंद्र कुमार सिंह): जन्मतिथि 02/05/2010 (उम्र 18 से कम)।

अनिकेत कुमार सिंह (पिता: जितेंद्र कुमार सिंह): जन्मतिथि 05/05/2013 (मात्र 12-13 साल की उम्र)।

क्यों निशाने पर आए मलखान सिंह? ‘आवास योजना’ का सच

जब पत्रकारों ने मलखान सिंह से पूछा कि आखिर BDO साहब ने उनके साथ ही ऐसा क्यों किया, तो उन्होंने जो जवाब दिया उसने प्रखंड कार्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार की परतें खोल दीं। मलखान सिंह ने बताया:

पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर भारी लूट मची थी। गरीब जनता से 5,000 से लेकर 15,000 रुपये तक की अवैध उगाही की जा रही थी। मैंने एक जनप्रतिनिधि होने के नाते इसका खुलकर विरोध किया और भ्रष्टाचार को रोका। इसी का बदला लेने के लिए BDO साहब ने मेरे पिता को चुनाव हराने की साजिश रची और लोकतंत्र को तार-तार कर दिया।

लोकतंत्र की हत्या या प्रशासनिक तानाशाही?

मलखान सिंह का आरोप है कि एक प्रत्याशी को जबरन हराने के लिए BDO ने अपने पद का दुरुपयोग किया और बल प्रयोग कर चुनाव को प्रभावित किया। यह मामला अब केवल एक पंचायत का नहीं रह गया है, बल्कि पूरे मधुबनी जिले में चर्चा का विषय बन गया है कि क्या एक ईमानदार विरोध की कीमत चुनाव में धांधली सहकर चुकानी पड़ेगी?

क्या होगा आगे?

इन ठोस सबूतों के पेश होने के बाद अब जनता और विपक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। क्या जिला प्रशासन इन अधिकारियों और फर्जी वोटरों पर कार्रवाई करेगा? या फिर लोकतंत्र के इस उत्सव में हुई धांधली को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

Disclaimer: उपरोक्त खबर जिला पार्षद सदस्य मलखान सिंह द्वारा मीडिया के सामने दिए गए बयानों और पेश किए गए दस्तावेजों पर आधारित है। ‘भूमि न्यूज लाइव’ इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य केवल जनप्रतिनिधियों के पक्ष को जनता तक पहुँचाना है। इस मामले में संबंधित अधिकारी (BDO) या प्रशासन का पक्ष आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

बड़ी खबर: लौकही पैक्स चुनाव में नेपाली नागरिकों की एंट्री! जिला पार्षद मलखान सिंह को BDO ने दी जेल भेजने की धमकी?

Laukahi Paxs Election Voter List Scam

लौकही, मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले के लौकही प्रखंड से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जीरोगा पंचायत में हुए पैक्स अध्यक्ष चुनाव की मतदाता सूची में दूसरे देश (नेपाल) के नागरिकों के नाम शामिल होने और उनसे मतदान कराने का गंभीर आरोप लगा है। लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात वह है जो स्थानीय जिला परिषद सदस्य मलखान सिंह ने उजागर की है।

ज्यादा उड़े तो जेल भेज देंगे – BDO पर गंभीर आरोप

​जिला परिषद क्षेत्र संख्या 42 के सदस्य मलखान सिंह ने इस पूरे मामले पर प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को फोन कर जानकारी दी थी। मलखान सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने नेपाली नागरिकों द्वारा वोटिंग किए जाने की शिकायत की, तो BDO साहब ने समाधान करने के बजाय उन्हें ही धमका दिया।

​मलखान सिंह के अनुसार, BDO ने कहा– “वोटर लिस्ट में जिसका नाम है, वह वोट देगा। अगर ज्यादा इधर-उधर (विरोध) करोगे, तो सीधे गिरफ्तार करवाकर जेल भिजवा देंगे।” दूसरे देश के नागरिक कैसे बने पैक्स सदस्य?

यह मामला न केवल चुनावी धांधली का है, बल्कि देश की सुरक्षा से भी जुड़ा है।

  1. साजिश के तहत सदस्यता: आरोप है कि जानबूझकर नेपाली नागरिकों को चिन्हित कर उन्हें पैक्स का सदस्य बनाया गया।
  2. वोटिंग का खेल: चुनाव के दिन इन विदेशी नागरिकों को बुलाकर वोटिंग कराई गई, ताकि विशेष प्रत्याशी को जीत दिलाई जा सके।
  3. प्रशासनिक संज्ञान: सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मामला प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी के संज्ञान में लाया गया, तो उन्होंने जांच के बजाय शिकायतकर्ता को ही चुप कराने की कोशिश क्यों की?

सरकारी योजनाओं में लूट की मास्टर प्लानिंग

​स्थानीय सूत्रों का कहना है कि वोटर लिस्ट में इन नामों को शामिल करने का मकसद सिर्फ चुनाव जीतना नहीं है। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के सहारे शौचालय योजना, आवास योजना और अन्य सरकारी अनुदान की राशि हड़पने की पूरी तैयारी है। यह सीधे तौर पर सरकारी खजाने और भारतीय करदाताओं के पैसे की लूट है।

लोकतंत्र के लिए काला दिन

​एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को अधिकारी द्वारा जेल भेजने की धमकी देना और विदेशी नागरिकों से भारतीय चुनाव में मतदान कराना लोकतंत्र की हत्या के समान है। यदि सीमावर्ती क्षेत्रों में इसी तरह प्रशासनिक संरक्षण में विदेशी नागरिक सरकारी तंत्र का हिस्सा बनते रहे, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित होगा।

भूमि न्यूज़ लाइव की मांग

​इस मामले के उजागर होने के बाद भूमि न्यूज़ लाइव जिला प्रशासन, मधुबनी जिलाधिकारी (DM) और राज्य निर्वाचन आयोग से मांग करता है कि:

दोषियों पर FIR: विदेशी नागरिकों को सदस्य बनाने वाले और इसमें संलिप्त अधिकारियों पर अविलंब प्राथमिकी दर्ज की जाए।

BDO की भूमिका की जांच: जिस अधिकारी ने शिकायतकर्ता को धमकी दी, उनकी भूमिका की उच्चस्तरीय जांच हो।

वोटर लिस्ट का मिलान: जीरोगा पंचायत की पैक्स वोटर लिस्ट का मिलान नेपाली नागरिकता के दस्तावेजों से कराया जाए।

मधुबनी पुलिस मुस्तैद: रामनवमी पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी के नेतृत्व में निकला फ्लैग मार्च

मधुबनी | आगामी रामनवमी पर्व को देखते हुए मधुबनी जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। जिले में शांति, सौहार्द और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP), मधुबनी के नेतृत्व में जिले के विभिन्न संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सघन फ्लैग मार्च निकाला गया।

सुरक्षा व्यवस्था का जायजा और पैदल गश्त

​इस फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधीक्षक के साथ विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष, पुलिस पदाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे। पुलिस की टीम ने सड़क पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा करना है।

फ्लैग मार्च के मुख्य केंद्र:

  • राजनगर थाना क्षेत्र: यहाँ पुलिस बल ने सड़कों पर पैदल गश्त की।
  • नगर थाना क्षेत्र: शहरी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को परखा गया।
  • कोतवाली चौक: प्रमुख चौराहों पर पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की गई।
  • जिला कंट्रोल रूम: सीसीटीवी के जरिए पूरे शहर की निगरानी की जा रही है।

अफवाहों से बचने की अपील

​फ्लैग मार्च के दौरान मधुबनी पुलिस ने आम नागरिकों से सीधा संवाद किया और उनसे अपील की कि:

  • पर्व को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं।
  • ​सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें।
  • ​किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या कंट्रोल रूम को दें।

चेतावनी: पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों और शांति बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असमाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तकनीकी निगरानी और हाई अलर्ट

​जिला कंट्रोल रूम में बैठकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पूरे जिले की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भीड़भाड़ वाले इलाकों की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि रामनवमी का जुलूस और अन्य धार्मिक कार्यक्रम सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकें।

दबंगई या साजिश? मधुबनी में पत्रकार को फंसाने के लिए रंगदारी के केस का सहारा

मधुबनी (बिहार): लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया और सत्ता के बीच का टकराव कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब यह टकराव निजी रंजिश और कानूनी दांव-पेच की शक्ल ले ले, तो सवाल उठना लाजिमी है। ताजा मामला बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही से सामने आया है, जहां एक स्थानीय पत्रकार और मुखिया के बीच की जंग अब पुलिस की फाइलों और सचिवालय की दहलीज तक पहुंच गई है।

​क्या है पूरा विवाद?

​मामले की शुरुआत तब हुई जब हिन्दुस्तान दैनिक के संवाददाता दीपेंद्र दीपम ने एक खबर प्रकाशित की। खबर का शीर्षक था— बाबूबरही: हत्या मामले में पति-पत्नी गिरफ्तार। इस खबर में उल्लेख था कि हत्या के एक पुराने मामले में सतघारा पंचायत के मुखिया का नाम भी आरोपियों में शामिल है। बस यही बात सतघारा पंचायत के मुखिया नंद कुमार यादव को चुभ गई।

​मुखिया नंद कुमार यादव ने पत्रकार दीपेंद्र दीपम के खिलाफ कांड संख्या 155/26 के तहत रंगदारी मांगने और छवि खराब करने की प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी। मुखिया का आरोप है कि पत्रकार ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की और पैसे न देने पर झूठी खबर छापकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई।

घटनाक्रम

तारीख/समयघटनामुख्य बिंदु
14 नवंबर 2021बाबूबरही कांड सं. 263/21हत्या का मामला दर्ज, जिसमें रंजीत पासवान और अन्य आरोपी बने।
23 मार्च 2026खबर का प्रकाशन‘हिन्दुस्तान’ में दीपेंद्र दीपम द्वारा हत्या मामले में गिरफ्तारी की खबर छपी।
23 मार्च 2026FIR दर्ज (155/26)मुखिया नंद कुमार यादव ने पत्रकार पर रंगदारी का केस दर्ज कराया।
26 मार्च 2026पत्रकार की अपीलदीपेंद्र दीपम ने SP, DGP और मुख्यमंत्री को न्याय के लिए पत्र भेजा।

नोट: पहले जो रंगदारी या वसूली का मामला IPC की धाराओं में आता था, अब नए कानून के तहत BNS की धारा 308(3) जबरन वसूली (Extortion) से संबंधित है। इसमें डरा-धमका कर पैसे मांगना अपराध की श्रेणी में आता है। पत्रकार का दावा है कि उनके खिलाफ इस धारा का दुरुपयोग प्रतिशोध की भावना से किया गया है।

पत्रकार का पलटवार: यह सच को दबाने की कोशिश है

​इस एफआईआर के खिलाफ पत्रकार दीपेंद्र दीपम ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (SP) सहित मुख्यमंत्री, DGP और गृह सचिव को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। दीपेंद्र का पक्ष बेहद मजबूत और चौंकाने वाला है:

अपराधिक इतिहास का हवाला: पत्रकार ने अपने आवेदन में दावा किया है कि सूचक (मुखिया) नंद कुमार यादव का खुद का रिकॉर्ड संदेहास्पद है। उन पर बाबूबरही थाना और राजनगर थाना में हत्या से संबंधित कई मामले (जैसे कांड सं. 263/21, 219/22, 181/12) पहले से दर्ज हैं।

खबर का आधार: पत्रकार का कहना है कि उन्होंने जो खबर छापी, वह पुलिसिया कार्रवाई और कोर्ट में चल रहे मामलों पर आधारित थी।

साजिश का आरोप: दीपेंद्र दीपम का कहना है कि मुखिया अपनी दबंगई और रसूख के बल पर एक निर्भीक पत्रकार की आवाज को दबाना चाहते हैं ताकि उनके काले कारनामों पर कोई पर्दा न उठा सके।

“मैं कानून और न्याय में भरोसा रखता हूं। रंगदारी का आरोप पूरी तरह निराधार है। यह सिर्फ इसलिए किया गया है ताकि मैं इलाके की सच्चाई दिखाना बंद कर दूं।”दीपेंद्र दीपम, पत्रकार

प्रशासनिक हलचल: न्याय की गुहार

​पत्रकार ने इस मामले को लेकर बिहार के शीर्ष अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक के जरिए शिकायत भेजी है। इनमें शामिल हैं:

  1. माननीय मुख्यमंत्री, बिहार
  2. पुलिस महानिदेशक (DGP), पटना
  3. ​गृह सचिव, बिहार सरकार
  4. ​आईजी (कमजोर वर्ग), पटना

बाबूबरही पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी है। लेकिन सवाल वही खड़ा है— क्या सच लिखना आज के दौर में इतना जोखिम भरा हो गया है कि पत्रकार को ही अपराधी बनाने की कोशिश की जाए?

जनता की राय क्या है?

​सोशल मीडिया और स्थानीय हलकों में इस खबर को लेकर तीखी बहस छिड़ी है। एक तरफ जनप्रतिनिधि की साख है, तो दूसरी तरफ पत्रकारिता की आजादी। अब देखना यह है कि मधुबनी पुलिस इस सुनियोजित षड्यंत्र की तह तक जाकर न्याय करती है या नहीं।

क्या आपको लगता है कि पत्रकारों पर झूठे केस दर्ज करना सत्ता का दुरुपयोग है? कमेंट में अपनी राय दें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में प्रकाशित जानकारी प्राप्त दस्तावेजों, वायरल पत्र (Petition) और संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। यह लेख किसी भी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि या पत्रकार की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से नहीं लिखा गया है। चूंकि मामला वर्तमान में पुलिस जांच और न्यायालय के अधीन (Sub-judice) है, इसलिए हमारी वेबसाइट किसी भी आरोप की सत्यता की पुष्टि नहीं करती है। अंतिम निर्णय कानून सम्मत प्रक्रिया द्वारा ही मान्य होगा।

रामनवमी को लेकर महरैल में शांति समिति की बैठक संपन्न, सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने की अपील

झंझारपुर (बिहार): आगामी रामनवमी के पावन अवसर पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने को लेकर झंझारपुर अनुमंडल के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

​यह बैठक महरैल रेलवे स्टेशन के समीप स्थित महावीर बजरंगबली ट्रस्ट के प्रांगण में आयोजित की गई।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी

​बैठक में प्रशासन की ओर से कई आला अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने सुरक्षा और शांति व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। मौके पर उपस्थित मुख्य अधिकारियों में शामिल थे:

  • सुबोध कुमार सिन्हा (झंझारपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी)
  • बी. ब्रजेश (झंझारपुर सर्किल इंस्पेक्टर)
  • सुनील सिंह (झंझारपुर थानाध्यक्ष)
  • मंजुला मिश्रा (रुद्रपुर थानाध्यक्ष)
  • कुंदन कुमार (अपर थानाध्यक्ष)
  • राकेश रौशन (प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंधराठाढी)

शांति और सद्भाव पर जोर

​बैठक के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुबोध कुमार सिन्हा ने कहा कि रामनवमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास का प्रतीक है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। रुद्रपुर की थानाध्यक्ष मंजुला मिश्रा ने भी शांति व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने की बात कही।

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता

​बैठक में भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग और शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे। इन सभी ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में पर्व के दौरान पूर्ण शांति बनी रहेगी। उपस्थित सदस्यों में प्रमुख थे:

  • ​मिहीर ठाकुर, अखिलेश ठाकुर, सुनील चौधरी
  • ​सतीश झा, अजय झा, श्याम लाल साफी
  • ​भोगी झा, अभिषेक चौधरी
  • ​रामवतार मंडल और पंडित मोहन शास्त्री

महत्वपूर्ण निर्णय

​बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जुलूस और शोभायात्रा के दौरान निर्धारित रूट का पालन किया जाएगा। साथ ही, डीजे और भड़काऊ नारों पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। महावीर बजरंगबली ट्रस्ट के सदस्यों ने भी मंदिर परिसर और आसपास की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी योजना साझा की।

प्रशासन और जनता के बीच इस संवाद से यह स्पष्ट है कि झंझारपुर और आसपास के क्षेत्रों में रामनवमी का त्यौहार पूरी श्रद्धा और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ मनाया जाएगा।

रामनवमी के मद्देनजर मधुबनी में पुलिस का फ्लैग मार्च: शांति और सुरक्षा का दिया कड़ा संदेश

मधुबनी (बिहार): आगामी रामनवमी पर्व को देखते हुए मधुबनी जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देशानुसार ‘फ्लैग मार्च’ निकाला गया।

संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर

​मधुबनी पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) ने अपने-अपने क्षेत्रों में थाना प्रभारियों और भारी पुलिस बल के साथ पैदल और वाहनों के माध्यम से मार्च किया। यह फ्लैग मार्च मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में निकाला गया:

  • सदर-02
  • बेनीपट्टी
  • जयनगर
  • झंझारपुर

​पुलिस की टीम ने खास तौर पर उन इलाकों का दौरा किया जिन्हें ‘संवेदनशील’ माना जाता है या जहाँ भीड़भाड़ अधिक रहती है।

Madhubani Police conducting flag march for Ramnavami 2026 security

अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी

​फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह साझा न करने की भी अपील की है।

​”हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक रामनवमी का पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मना सकें। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस का सहयोग करें।” — मधुबनी पुलिस

आम नागरिकों से अपील

​मधुबनी पुलिस ने जनता से अनुरोध किया है कि:

  1. ​पर्व को आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाएं।
  2. ​यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
  3. ​शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन की मदद करें।

मधुबनी पुलिस की इस मुस्तैदी से आम जनता के बीच सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। फ्लैग मार्च के जरिए यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जिले में शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।

मधुबनी: गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध देशी कट्टा और कारतूस के साथ एक गिरफ्तार

मधुबनी पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त और बरामद देशी कट्टा

मधुबनी (बिहार): अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मधुबनी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कलुआही थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को अवैध हथियार और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है।

क्या है पूरा मामला?

​दिनांक 24 मार्च 2026 को कलुआही थाना के थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम हरिपुर मजरही टोल निवासी सिकंदर मंडल उर्फ सिंकू अपने घर में अवैध हथियार छिपाकर रखे हुए है।

​सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पदाधिकारियों को सूचित किया गया और उनके निर्देशानुसार पुलिस बल ने चिन्हित स्थान पर छापेमारी की। पुलिस टीम को देखते ही अभियुक्त ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया।

बरामदगी का विवरण

​गिरफ्तार व्यक्ति के घर की तलाशी लेने पर पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की:

  • 01 अवैध देशी कट्टा (लकड़ी के तख्ते पर कपड़े में बांधकर रखा हुआ)
  • 01 जिंदा कारतूस

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान

​पकड़े गए व्यक्ति की पहचान सिकंदर मंडल उर्फ सिंकू (पिता- शुभचन्द्र मंडल उर्फ दुलाई मंडल) के रूप में हुई है, जो हरिपुर मजरही, थाना-कलुआही, जिला-मधुबनी का निवासी है। पूछताछ के दौरान वह भागने का कोई संतोषजनक कारण नहीं बता सका।

पुलिस की कानूनी कार्रवाई

​पुलिस ने बरामद हथियारों को जब्त कर लिया है और अभियुक्त को गिरफ्तार कर थाने लाया गया है। इस संदर्भ में कलुआही थाना में कांड संख्या- 66/26 दर्ज की गई है। अभियुक्त पर आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)ए/26/35 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

फुलपरास में भक्ति की बयार: 10वें वर्ष भी नव चैती दुर्गा पूजा में विराजेंगी माता की 9 अलग-अलग प्रतिमाएं

फुलपरास चैती दुर्गा पूजा

फुलपरास (मधुबनी): अनुमंडल मुख्यालय स्थित चैती दुर्गा पूजा समिति, फुलपरास के तत्वावधान में इस वर्ष भी वासंतिक नवरात्र का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ किया जा रहा है। अपनी विशिष्ट परंपरा को जीवंत रखते हुए, समिति द्वारा इस 10वें वर्ष भी माता भगवती के सभी 9 स्वरूपों की अलग-अलग भव्य प्रतिमाएं स्थापित कर वैदिक रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना की जा रही है।

​माता कालरात्रि की पूजा के साथ खुले मंदिर के पट

​बुधवार को पूजा समिति द्वारा ‘बेल तोड़ी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके पश्चात, प्रख्यात आचार्य भगवान जी झा के सानिध्य में माता के सातवें स्वरूप, माँ कालरात्रि की विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच माता का पट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

​10 वर्षों से जारी है अनोखी परंपरा

​समिति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ स्थापना काल से ही नवरात्र के प्रत्येक दिन माता के अलग-अलग स्वरूप की मूर्ति निर्मित कर पूजा की जाती है। आचार्य ने बताया कि:

  • ​प्रथम दिन शैलपुत्री, द्वितीय ब्रह्मचारिणी, तृतीय चंद्रघंटा, चतुर्थ कुष्मांड… इसी क्रम में नौ दिनों तक माता के नौ रूपों की आराधना होती है।
  • ​पूजा पूरी तरह से वैदिक पद्धति पर आधारित है।
  • ​मंदिर परिसर में अध्यात्म के प्रसार हेतु देवी भागवत कथा का भी भव्य आयोजन किया जा रहा है।

क्षेत्र की खुशहाली के लिए संकल्पित है पूजा

​यजमान सह पूजा समिति के संस्थापक ब्रह्मानंद यादव ने बताया कि इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि, आपसी सौहार्द और प्रेम को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि आम लोगों के सहयोग और अटूट समर्थन से ही यह 10वां सफल वर्ष संभव हो पाया है।

​आयोजन में शामिल प्रमुख व्यक्तित्व

​इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। प्रमुख रूप से उपस्थित रहने वालों में शामिल हैं:

पद / श्रेणीनाम
समिति पदाधिकारीबद्री नारायण साह (अध्यक्ष), खोजेंदर झा (सचिव), मिंटू सहजादा (कोषाध्यक्ष)
जनप्रतिनिधिधर्मेंद्र साह (मुख्य पार्षद), मिट्ठू कामत (वार्ड पार्षद)
राजनीतिक नेतृत्वकृष्ण कुमार सिंह यादव (BJP), अशोक मंडल (JDU), संतोष पासवान (LJP), धनबिर यादव (RJD)
सक्रिय सदस्यघुरन बिस्वास, प्रदीप यादव, सकल पासवान, मुन्ना साह, लोकेश कुमार, रामचंद्र यादव व अन्य

संपूर्ण फुलपरास नगर पंचायत इस समय माता के जयकारों और मंत्रोच्चार से गुंजायमान है। समिति के सदस्यों ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर माता के नौ स्वरूपों के दर्शन करें और पुण्य के भागी बनें।