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बिहार पंचायत चुनाव: जिला परिषद क्षेत्र संख्या 43 से सरोज यादव ने ठोकी ताल, युवाओं से की खास अपील

बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब सबकी नजरें ग्रामीण राजनीति और पंचायत चुनावों पर टिकी हैं। इसी चुनावी गहमागहमी के बीच लौकही प्रखंड के जिला परिषद क्षेत्र संख्या 43 से एक उभरता हुआ चेहरा सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता सरोज यादव ने भूमि न्यूज़ लाइव (BHOOMI NEWS Live) के साथ एक विशेष साक्षात्कार में आधिकारिक तौर पर अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है।

“पद नहीं, सेवा का संकल्प”: सरोज यादव

​आमतौर पर प्रत्याशी चुनाव के कुछ महीने पहले सक्रिय होते हैं, लेकिन सरोज यादव का दावा है कि वह पिछले 7-8 वर्षों से लगातार क्षेत्र की जनता के बीच रहकर उनकी सेवा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी मैदान में उतरने का उनका उद्देश्य सत्ता सुख नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को मजबूती से अधिकारियों के सामने रखना है।

​”जब तक आप किसी पद पर नहीं होते, ब्लॉक, अनुमंडल या जिला स्तर पर आपकी आवाज अनसुनी कर दी जाती है। जनता की बेहतर सेवा के लिए प्रतिनिधि बनना जरूरी है।” — सरोज यादव

जमीनी मुद्दों पर रहेगा फोकस

​एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले सरोज यादव ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी राजनीति “हवाई फायरिंग” (झूठे वादों) पर नहीं, बल्कि “जमीनी हकीकत” पर आधारित होगी। उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं:

  • किसानों की समस्याएं: खेती-किसानी से जुड़ी दिक्कतों का स्थानीय स्तर पर समाधान।
  • क्षेत्र का विकास: अपने क्षेत्र की 6 पंचायतों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
  • जवाबदेही: उन जनप्रतिनिधियों पर कटाक्ष करते हुए जो जीतने के बाद गायब हो जाते हैं, यादव ने हमेशा उपलब्ध रहने का वादा किया।

सोशल मीडिया नहीं, जमीन के ‘खिलाड़ी’

​इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि कई युवा सोशल मीडिया पर तो चुनाव लड़ने का दावा करते हैं लेकिन ऐन वक्त पर पीछे हट जाते हैं, तो यादव ने आत्मविश्वास के साथ कहा:

“मैं पिछले 8 सालों से तैयारी कर रहा हूँ। चुनाव तो अब आया है, लेकिन सेवा मैं तब से कर रहा हूँ जब मेरे पास कोई पद नहीं था। मैं नर्वस नहीं हूँ, क्योंकि मेरी ताकत मेरे क्षेत्र की जनता का आशीर्वाद है।”

युवाओं और मतदाताओं को संदेश

​साक्षात्कार के अंत में, सरोज यादव ने क्षेत्र संख्या 43 के युवाओं और समस्त जनता से अपील की कि वे इस बार ईमानदारी और काम के आधार पर अपना प्रतिनिधि चुनें। उन्होंने वादा किया कि अगर जनता उन्हें मौका देती है, तो वह वर्तमान प्रतिनिधियों से दोगुना काम करके दिखाएंगे।

​सरोज यादव की इस घोषणा ने लौकही प्रखंड की स्थानीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है। अब देखना यह होगा कि क्षेत्र की जनता इस युवा और ऊर्जावान चेहरे पर कितना भरोसा जताती है।

बिहार पंचायत चुनाव और स्थानीय खबरों की विस्तृत कवरेज के लिए ‘भूमि लाइव’ के साथ जुड़े रहें।

मधुबनी: घोघरडीहा में दिनदहाड़े गुंडागर्दी, बाइक सवार अपराधियों ने बंदूक के बल पर युवक से लूटी बाइक, कैश और जेवर

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मधुबनी (बिहार): जिले के घोघरडीहा थाना क्षेत्र से अपराध की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े लूट की घटना को अंजाम देकर पुलिसिया इकबाल को चुनौती दी है। जहलीपट्टी स्थित धबहा परती के पास अपराधियों ने एक युवक से उसकी बाइक, नकद राशि, सोने की चेन और मोबाइल लूट लिया और विरोध करने पर मारपीट कर उसे घायल कर दिया।

ससुराल जाने के दौरान घात लगाए अपराधियों ने घेरा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, बसुआरी गांव निवासी रामविलास मंडल का पुत्र शिवम कुमार मंडल अपने साथी निर्मल कुमार (पिता: रविन्द्र मंडल) के साथ बाइक से अपने ससुराल लौकही प्रखंड के खड़गपुर जा रहा था। दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही वे नरहिया-कुपहा मुख्य मार्ग पर जहलीपट्टी गांव से आगे धबहा परती के समीप पहुंचे, पीछे से आ रहे दो बाइक सवार चार अपराधियों ने उन्हें जबरन रोक लिया।

बगीचे में ले जाकर लूटपाट और मारपीट

​पीड़ित ने बताया कि अपराधियों ने डरा-धमका कर शिवम और निर्मल को अपनी बाइक पर बैठाया और पास के ही एक सुनसान बगीचे में ले गए। वहां अपराधियों ने बंदूक की नोक पर उनसे निम्नलिखित सामान लूट लिया:

  • बाइक
  • 26 हजार रुपये नगद
  • सोने की एक चेन
  • मोबाइल फोन

​जब युवकों ने इसका विरोध किया, तो अपराधियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे शिवम जख्मी हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।

“हम अपने ससुराल जा रहे थे, तभी अपराधियों ने घेर लिया। वे हमें बगीचे में ले गए और जान से मारने की धमकी देकर सब कुछ छीन लिया।”पीड़ित शिवम कुमार

अस्पताल में भर्ती और पुलिसिया कार्रवाई

​जख्मी शिवम का इलाज फिलहाल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में चल रहा है। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने घोघरडीहा थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।

​इस मामले में थानाध्यक्ष शुभम कुमार ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस को आवेदन प्राप्त हो गया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

मधुबनी में LPG की किल्लत नहीं, अफवाह फैलाने और जमाखोरी करने वालों पर होगी जेल: DM आनंद शर्मा

DM Anand Sharma and SP Yogendra Kumar press conference Madhubani.

मधुबनी। जिले में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस (LPG) को लेकर फैल रही अफवाहों और उपभोक्ताओं के बीच मची अफरातफरी पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। आज जिलाधिकारी आनंद शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर जिले में गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की वर्तमान स्थिति साझा की।

आपूर्ति सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं

​जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि मधुबनी जिले में लगभग 10 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं और उनके लिए पर्याप्त मात्रा में गैस का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा, आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। आम जनता अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक होकर अनावश्यक बुकिंग न करें। घरों में सिलेंडर का भंडारण करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।”

जमाखोरों पर प्रशासन का ‘हंटर’

​कालाबाजारी और अवैध भंडारण की शिकायतों पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि:

  • ​अब तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर 3 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं।
  • ​दोषियों को पकड़कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
  • ​इन मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी ताकि कालाबाजारी करने वालों को कड़ा संदेश मिले।

आमजन के लिए प्रशासन की अपील:

  1. अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही कमी की खबरों पर भरोसा न करें।
  2. सहयोग करें: गैस एजेंसियां सुचारू रूप से वितरण कर रही हैं, व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें।
  3. भंडारण न करें: जरूरत से ज्यादा सिलेंडर घर में न रखें, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को परेशानी न हो।

प्रशासन का संदेश साफ है: आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है, लेकिन यदि कोई वेंडर या व्यक्ति कालाबाजारी में संलिप्त पाया गया, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई निश्चित है।

बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: NDA का क्लीन स्वीप, पांचों सीटों पर कब्ज़ा, विपक्ष के हाथ खाली

NDA Ka Clean Sweep or The NDA Wins it Cleanly,

Patna News: बिहार की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक रहा। राज्यसभा की 5 सीटों के लिए हुए चुनाव में NDA (National Democratic Alliance) ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए सभी 5 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। विपक्षी गठबंधन महागठबंधन को इस चुनाव में करारी शिकस्त मिली है, जहाँ राजद (RJD) अपनी एक सीट भी बचाने में नाकाम रही।

विजेता उम्मीदवारों की लिस्ट (NDA Winners List)

इस चुनाव में NDA की ओर से उतारे गए सभी पांचों उम्मीदवारों ने जीत का परचम लहराया:

  1. नीतीश कुमार (जनता दल यूनाइटेड – JDU)
  2. नितिन नवीन (भारतीय जनता पार्टी – BJP)
  3. रामनाथ ठाकुर (जनता दल यूनाइटेड – JDU)
  4. शिवेश कुमार (भारतीय जनता पार्टी – BJP)
  5. उपेंद्र कुशवाहा (राष्ट्रीय लोक मोर्चा – RLM)

कैसा रहा जीत का समीकरण?

बिहार विधानसभा के मौजूदा संख्या बल (NDA के पास 202 विधायक) को देखते हुए यह जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी। हालांकि, 5वीं सीट के लिए राजद के अमरेंद्र धारी सिंह ने मुकाबले को रोचक बनाने की कोशिश की थी, लेकिन एनडीए की एकजुटता के सामने विपक्ष पस्त हो गया।

  • वोटों का गणित: एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत थी।
  • महागठबंधन में सेंध: खबरों के मुताबिक, वोटिंग के दौरान विपक्ष के कुछ विधायकों की अनुपस्थिति और क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने राजद की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
  • नीतीश कुमार की नई पारी: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना इस चुनाव का सबसे बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ रहा, जो बिहार की भविष्य की राजनीति की ओर इशारा कर रहा है।

विपक्ष (RJD) को लगा बड़ा झटका

राजद के लिए यह परिणाम किसी झटके से कम नहीं है। प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह जैसे दिग्गज नेताओं का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पार्टी राज्यसभा में अपना प्रतिनिधित्व बढ़ाने की उम्मीद कर रही थी, लेकिन एनडीए के अभेद्य किले को नहीं तोड़ सकी।

इस जीत के साथ ही राज्यसभा में एनडीए की ताकत और बढ़ गई है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली प्रचंड जीत के बाद, राज्यसभा की इन 5 सीटों पर कब्ज़ा करना नीतीश-मोदी की जोड़ी के लिए एक बड़ी नैतिक और राजनीतिक जीत है।

मिडिल ईस्ट का बदलता भूगोल: क्या ग्रेटर इजराइल की नींव रखी जा रही है?

मिडिल ईस्ट का नक्शा जिसमें इजराइल, लेबनान और ईरान के बीच संघर्ष, The Blessing और The Curse के संकेतों के साथ 'ग्रेटर इजराइल' की अवधारणा को दर्शाया गया है।

मिडिल ईस्ट की आग अब बुझने के बजाय और फैलती जा रही है। एक तरफ ईरान के साथ सीधा टकराव है, तो दूसरी तरफ लेबनान में इजराइल की जमीनी कार्रवाई। महज कुछ ही दिनों में सैकड़ों मौतें और लेबनान की 20% जमीन का खाली होना इस बात की गवाही दे रहा है कि यह युद्ध अब केवल हमास या हिजबुल्लाह तक सीमित नहीं है।

क्या बेंजामिन नेतन्याहू अपने ‘अल्टीमेट गोल’ यानी ‘ग्रेटर इजराइल’ (Eretz Yisrael Hashlema) की ओर बढ़ रहे हैं?

📍 आखिर क्या है ‘ग्रेटर इजराइल’?

ग्रेटर इजराइल का विचार कोई नया नहीं है, बल्कि यह दशकों पुरानी एक विचारधारा है। इसके तहत इजराइल की सीमाओं को वर्तमान से कहीं अधिक विस्तार देने की कल्पना की गई है। कट्टरपंथी विचारधारा और ऐतिहासिक धार्मिक दावों के आधार पर, इसके दायरे में ये इलाके शामिल हो सकते हैं:

  • संपूर्ण फिलिस्तीन: वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी का पूर्ण विलय।
  • दक्षिणी लेबनान: जहाँ वर्तमान में इजराइली सेना बफर जोन बनाने के नाम पर आगे बढ़ रही है।
  • सीरिया का हिस्सा: गोलन हाइट्स से आगे का क्षेत्र।
  • जॉर्डन और मिस्र के कुछ हिस्से: ऐतिहासिक निल से फरात (Nile to Euphrates) की अवधारणा के तहत।

🚀 नेतन्याहू का ‘न्यू ऑर्डर’ और UN का नक्शा

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (UN) में नेतन्याहू ने एक नक्शा दिखाया था, जिसमें उन्होंने मिडिल ईस्ट को दो हिस्सों में बांटा: The Blessing (आशीर्वाद) और The Curse (अभिशाप)। उनका यह न्यू ऑर्डर तीन मुख्य स्तंभों पर टिका है:

  1. प्रतिरोध का अंत: नेतन्याहू का मानना है कि जब तक हमास (गाजा), हिजबुल्लाह (लेबनान) और हूतियों (यमन) का अस्तित्व है, इजराइल कभी सुरक्षित नहीं रह सकता।
  2. स्थायी बफर जोन: लेबनान में जमीन खाली कराने का अर्थ है कि इजराइल अपनी उत्तरी सीमा पर एक ऐसी पट्टी बनाना चाहता है जहाँ केवल उसका नियंत्रण हो।
  3. ईरान को चुनौती: ग्रेटर इजराइल के रास्ते में ईरान सबसे बड़ी बाधा है। सीधे ईरान पर हमले करके नेतन्याहू उस प्रॉक्सी नेटवर्क को जड़ से खत्म करना चाहते हैं।

⚖️ दुनिया के लिए इसके क्या मायने हैं?

यदि युद्ध का दायरा इसी तरह बढ़ता रहा और नक्शे बदले गए, तो इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं:

  • क्षेत्रीय संप्रभुता का संकट: लेबनान और सीरिया जैसे संप्रभु देशों के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो जाएंगे।
  • मानवीय त्रासदी: लाखों लोगों का विस्थापन केवल मिडिल ईस्ट ही नहीं, बल्कि यूरोप और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी भारी दबाव डालेगा।
  • महाशक्तियों का टकराव: यदि ईरान इस युद्ध में पूरी तरह कूदता है, तो अमेरिका और रूस का परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से शामिल होना अनिवार्य हो जाएगा, जो विश्व युद्ध III की आहट हो सकती है।

लेबनान में इजराइल की बढ़ती ताकत और जमीनी कब्जा यह संकेत दे रहा है कि युद्ध अब सिर्फ आत्मरक्षा (Self-defense) तक सीमित नहीं रह गया है। यह नक्शे बदलने की जंग बनती जा रही है। नेतन्याहू का न्यू ऑर्डर सफल होगा या यह क्षेत्र को एक अनंत अंधकार में धकेल देगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

आपकी क्या राय है? क्या बेंजामिन नेतन्याहू वाकई ग्रेटर इजराइल के सपने को हकीकत में बदल पाएंगे? या यह कदम इजराइल के लिए ही आत्मघाती साबित होगा? कमेंट्स में अपनी राय जरूर लिखें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: ‘ग्रेटर इजराइल’ (Eretz Yisrael Hashlema) का क्या अर्थ है?

A: यह एक विचारधारा है जो मानती है कि इजराइल की सीमाएं ऐतिहासिक और धार्मिक आधार पर वर्तमान से कहीं अधिक बड़ी होनी चाहिए, जिसमें फिलिस्तीन, दक्षिणी लेबनान और सीरिया के हिस्से शामिल हों।

Q2: बेंजामिन नेतन्याहू का ‘न्यू ऑर्डर’ (New Order) क्या है?

A: नेतन्याहू के ‘न्यू ऑर्डर’ का अर्थ है मिडिल ईस्ट से ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों (हमास, हिजबुल्लाह, हूती) का सफाया करना और इजराइल के पक्ष में एक नया सुरक्षा ढांचा तैयार करना।

Q3: लेबनान में इजराइल की जमीनी कार्रवाई का क्या प्रभाव पड़ा है?

A: इस कार्रवाई के कारण लेबनान की लगभग 20% भूमि खाली हो गई है, सैकड़ों लोगों की जान गई है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं, जिससे एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो गया है।

Q4: क्या यह युद्ध विश्व युद्ध (World War III) का रूप ले सकता है?

A: विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान और इजराइल के बीच सीधा टकराव बढ़ता है और अमेरिका व रूस जैसे देश इसमें शामिल होते हैं, तो यह वैश्विक संघर्ष में बदल सकता है।

बिहार प्रदेश जद(यू) सांगठनिक निर्वाचन 2026: नवनिर्वाचित जिलाध्यक्षों की सूची जारी

Nitish kumar

पटना: जनता दल (यूनाइटेड) में सांगठनिक मजबूती और भविष्य की रणनीतियों को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार प्रदेश जद(यू) सांगठनिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत, मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की स्वीकृति के बाद राज्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक कुमार ने शेष सांगठनिक जिलाध्यक्षों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है।

​इस सूची में पार्टी के समर्पित और अनुभवी कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। यह नियुक्तियाँ पार्टी के निचले स्तर (Grassroot level) को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई हैं।

नवनियुक्त जिलाध्यक्षों की सूची (प्रमुख जिले)

​कार्यालय आदेश संख्या 52/26 के अनुसार, निम्नलिखित प्रमुख नामों की घोषणा की गई है:

क्र०सं०जिला / नगर का नामनिर्वाचित अध्यक्ष का नाम
1मुजफ्फरपुरश्री अनुपम सिंह
2पटना नगरश्री राधेश्याम कुशवाहा
3गया (बेगूसराय)श्री नन्द लाल राय
4नालंदामो० मसरूर अहमद जुबैरी उर्फ मो० अरशद
5आरा नगरश्री जय प्रकाश चौधरी
6सीवानश्री विकास कुमार सिंह उर्फ जीसू सिंह

(पूरी सूची के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक पत्र को देखें)

संगठन को मिलेगी नई धार

​राज्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक कुमार द्वारा हस्ताक्षरित इस सूची में कुल 25 सांगठनिक क्षेत्रों के नामों की घोषणा की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नई नियुक्तियों से आगामी चुनावों और पार्टी के विस्तार कार्यों में नई ऊर्जा का संचार होगा।

​पार्टी नेतृत्व ने सभी नवनिर्वाचित जिलाध्यक्षों को उनके इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई और सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दी हैं।

“संगठन की मजबूती ही हमारी असली ताकत है। नए पदाधिकारियों के चयन से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।”

क्या आप अपने जिले के नवनियुक्त अध्यक्ष के बारे में और जानकारी चाहते हैं? हमें कमेंट में बताएं!

डिजिटल इंडिया में 16 वर्षों से बंद पड़ा है यह स्कूल, ग्रामीणों ने शुरू किया आमरण अनशन

खुटौना (मधुबनी): शिक्षा के अधिकार की बातें कागजों पर भले ही सुनहरी लगें, लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही बयां करती है। खुटौना प्रखंड के चतुर्भुज पिपराही पंचायत स्थित खिलही के नोनिया टोल में पिछले 16 वर्षों से बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय को फिर से शुरू करवाने के लिए ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। प्रशासन की बेरुखी से नाराज ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

प्रमुख के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू

​विद्यालय के अस्तित्व को बचाने और बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए खुटौना के पूर्व प्रमुख सह वर्तमान पंचायत समिति सदस्य संजीव भिंडवार के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया गया है। यह आंदोलन उसी बंद पड़े विद्यालय के परिसर में शुरू किया गया है, जो कभी बच्चों की खिलखिलाहट से गूंजता था।

क्यों फूटा ग्रामीणों का आक्रोश?

​आंदोलनकारियों का कहना है कि विद्यालय बंद होने के कारण सबसे ज्यादा मार गरीब परिवारों और छोटे बच्चों पर पड़ रही है।

प्रशासनिक अनदेखी: ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बार-बार सूचित करने के बाद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

दूरी की समस्या: बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय कर दूसरे गांवों में जाना पड़ता है।

सुरक्षा का डर: छोटे बच्चों को दूर भेजने में अभिभावक हमेशा आशंकित रहते हैं।

​जब तक विद्यालय को पुनः चालू करने के लिए विभाग की ओर से कोई ठोस लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हमारा अनशन जारी रहेगा। यह बच्चों के भविष्य का सवाल है।

संजीव भिंडवार, आंदोलनकारी नेतृत्वकर्ता

अनशन पर बैठे 12 सत्याग्रही

​इस आंदोलन में संजीव भिंडवार के साथ कुल 12 लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • ​रामेश्वर महतो, रामकृष्ण महतो, विष्णु देव महतो, यशोधर महतो।
  • ​रविंद्र महतो, शोभित महतो, सूर्य नारायण महतो, जुगत लाल महतो।
  • ​रामस्वरूप महतो, राम प्रकाश महतो और बलराम महतो।

क्षेत्र में चर्चा का विषय

​जैसे-जैसे अनशन का समय बढ़ रहा है, आस-पास के गांवों के लोगों का समर्थन भी बढ़ता जा रहा है। भारी संख्या में ग्रामीण अनशन स्थल पर पहुंचकर एकजुटता दिखा रहे हैं। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया शिक्षा विभाग इस जन आक्रोश के बाद जागता है या नोनिया टोल के बच्चों का भविष्य अंधेरे में ही रहेगा।

एडमिट कार्ड बना मजाक! कैंडिडेट की फोटो की जगह छपी कुत्ते की तस्वीर, सोशल मीडिया पर वायरल

बिहार की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली अक्सर अपनी अजीबोगरीब गलतियों की वजह से सुर्खियों में रहती है। ताजा मामला एक बार फिर सिस्टम पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है, जहाँ एक छात्र के एडमिट कार्ड (Admit Card) पर उसकी तस्वीर की जगह एक कुत्ते की फोटो छाप दी गई।

यह मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग विभाग की लापरवाही का जमकर मजाक उड़ा रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, यह घटना बिहार के एक प्रतिष्ठित संस्थान की परीक्षा से जुड़ी बताई जा रही है। एक अभ्यर्थी ने जब अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो वह दंग रह गया। कार्ड पर छात्र के नाम, पिता का नाम और अन्य विवरण तो सही थे, लेकिन ‘प्रोफाइल फोटो’ वाले कॉलम में छात्र की जगह एक कुत्ते का चेहरा नजर आ रहा था।

हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर चूक पर किसी भी स्तर (डाटा एंट्री से लेकर वेरिफिकेशन तक) पर ध्यान नहीं दिया गया और एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर उड़ रहा मजाक

जैसे ही इस एडमिट कार्ड का स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर आया, यूजर्स ने बिहार के परीक्षा बोर्ड और संबंधित विभाग को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया।

  • मीम्स की बाढ़: लोग कमेंट्स में लिख रहे हैं कि “बिहार में कुछ भी मुमकिन है।”
  • सिस्टम पर सवाल: शिक्षाविदों का मानना है कि इस तरह की गलतियां न केवल छात्र का मनोबल गिराती हैं, बल्कि परीक्षा की गंभीरता को भी खत्म करती हैं।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे कारनामे

बिहार में एडमिट कार्ड पर किसी सेलेब्रिटी या जानवर की फोटो छपना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई बार एडमिट कार्ड्स पर:

  1. बॉलीवुड अभिनेत्रियों (सनी लियोन, प्रियंका चोपड़ा) की तस्वीरें।
  2. भगवान गणेश की फोटो।
  3. यहाँ तक कि राजनेताओं की फोटो भी देखी जा चुकी हैं।

विभाग की सफाई

मामला तूल पकड़ने के बाद संबंधित विभाग ने इसे तकनीकी खराबी या डाटा एंट्री ऑपरेटर की लापरवाही करार दिया है। हालांकि, छात्र के लिए यह किसी मानसिक परेशानी से कम नहीं है, क्योंकि एडमिट कार्ड में सुधार के लिए उसे अब दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहाँ हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बात कर रहे हैं, वहां इस तरह की मानवीय और तकनीकी गलतियां सिस्टम की जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती हैं।

क्या आपको लगता है कि इस तरह की गलतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

महरैल में सजेगा प्रभु श्री राम का दरबार: 27 मार्च को निकलेगी जिला स्तरीय महाविशाल रामनवमी शोभायात्रा

झंझारपुर (मधुबनी): मिथिला की पावन धरती पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में मझौरा दुर्गा स्थान में मुरारी मण्डल की अध्यक्षता में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि रामनवमी शोभायात्रा समिति, महरैल के तत्वावधान में इस वर्ष जिला स्तरीय ‘महाविशाल रामनवमी शोभायात्रा’ और भव्य ‘संध्या मैथिली कार्यक्रम’ का आयोजन किया जाएगा।

शोभायात्रा का पूरा विवरण

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता को भी प्रदर्शित करेगा।

  • दिनांक: 27 मार्च 2026 (शुक्रवार)
  • समय: दोपहर 1:00 बजे से
  • प्रस्थान स्थल: महरैल रेलवे स्टेशन चौक स्थित हनुमान मंदिर

इन मार्गों से गुजरेगी भव्य यात्रा

आयोजकों के अनुसार, रामभक्ति से ओत-प्रोत यह शोभायात्रा हनुमान मंदिर प्रांगण से शुरू होकर क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख मार्गों का भ्रमण करेगी। यात्रा के मुख्य पड़ाव इस प्रकार होंगे:

  • महरैल
  • कर्णपुर
  • हरना
  • हरड़ी
  • झंझारपुर-अंधराठाढ़ी के प्रमुख मार्ग

विशेष आकर्षण: झांकियां और मैथिली कार्यक्रम

शोभायात्रा को भव्य बनाने के लिए विशेष धार्मिक झांकियों की तैयारी की जा रही है। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों की गूंज के साथ श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए प्रभु श्री राम के आदर्शों का संदेश देंगे। यात्रा के समापन के पश्चात संध्या मैथिली कार्यक्रम का आयोजन होगा, जो क्षेत्रीय कला और संस्कृति को समर्पित रहेगा।

“रामनवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सत्य, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा है। इस यात्रा का उद्देश्य समाज में आपसी सौहार्द, भाईचारा और सनातन संस्कृति के मूल्यों को सुदृढ़ करना है।” – आयोजन समिति

बैठक में उपस्थित गणमान्य

बैठक के दौरान आयोजन को सफल बनाने के लिए रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें मुख्य रूप से मिहीर ठाकुर, अजय झा, अभिषेक चौधरी, मुरारी मण्डल, अनित, अजीत, सचिन, आमोद झा, दुर्गा नन्द, रोहन, भरत, मुकेश, दीपक, टुनटुन, हेमंत, भविष्य, अक्षय, आशीष, सूरज और बंटी सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

श्रद्धालुओं से अपील

समिति ने समस्त धर्म प्रेमियों और ग्रामवासियों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस महाविशाल यात्रा में शामिल होकर पुण्य के भागी बनें। साथ ही, श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान शांति, अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है।

जन सुराज ने मधुबनी जिला संगठन की घोषणा की: अनिल मिश्रा बने जिला अध्यक्ष, शमसुल हक़ को मिली महामंत्री की जिम्मेदारी

मधुबनी, 11 मार्च 2026 – बिहार में बदलाव की राजनीति का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही जन सुराज पार्टी ने अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूती देते हुए मधुबनी जिला संगठन के पदाधिकारियों की सूची जारी कर दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस नई टीम का ऐलान किया।

सांगठनिक मजबूती के लिए नई रणनीति

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बताया कि जन सुराज के मूलभूत सिद्धांतों को जमीन पर उतारने के लिए पूरे राज्य को 44 सांगठनिक जिलों में बांटा गया है। इसी रणनीति के तहत मधुबनी जिले के लिए वरिष्ठ साथियों के साथ विचार-विमर्श कर एक सशक्त कमेटी का गठन किया गया है।

“यह जिला कमेटी क्षेत्रीय और राज्य नेतृत्व के बीच एक सेतु का काम करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों में संगठन का पुनर्गठन करना और पार्टी की गतिविधियों को गति देना है।” – मनोज भारती, प्रदेश अध्यक्ष

मधुबनी जिला संगठन के मुख्य पदाधिकारी

घोषणा के अनुसार, मधुबनी जिले की कमान निम्नलिखित अनुभवी हाथों में सौंपी गई है:

  • जिला अध्यक्ष: श्री अनिल मिश्रा
  • जिला महामंत्री: श्री शमसुल हक़

यह टीम जिले के वरिष्ठ सदस्यों के साथ मिलकर पंचायत स्तर तक संगठन के विस्तार का कार्य करेगी।

कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख नेतृत्व

संगठन की घोषणा के इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रदेश स्तर के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:

  • सुभाष सिंह कुशवाहा (प्रदेश संगठन महामंत्री)
  • सरवर अली (प्रदेश महासचिव)
  • धरमवीर प्रसाद सिंह (कोषाध्यक्ष)
  • श्रीमती सरिता देवी (महिला अध्यक्ष)
  • दीपक कुमार भंडारी (युवा अध्यक्ष)

जन सुराज का विजन

जन सुराज पार्टी का उद्देश्य बिहार के हर जिले में एक ऐसी टीम तैयार करना है जो सीधे जनता से जुड़ी हो। मधुबनी जिला कमेटी की यह घोषणा इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सलाहकार समिति और अन्य पदाधिकारियों की विस्तृत सूची पार्टी के आधिकारिक पोर्टल पर भी उपलब्ध कराई गई है।