मधुबनी | आगामी रामनवमी पर्व को देखते हुए मधुबनी जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। जिले में शांति, सौहार्द और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP), मधुबनी के नेतृत्व में जिले के विभिन्न संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सघन फ्लैग मार्च निकाला गया।
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा और पैदल गश्त
इस फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधीक्षक के साथ विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष, पुलिस पदाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे। पुलिस की टीम ने सड़क पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा करना है।
फ्लैग मार्च के मुख्य केंद्र:
राजनगर थाना क्षेत्र: यहाँ पुलिस बल ने सड़कों पर पैदल गश्त की।
नगर थाना क्षेत्र: शहरी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को परखा गया।
कोतवाली चौक: प्रमुख चौराहों पर पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की गई।
जिला कंट्रोल रूम: सीसीटीवी के जरिए पूरे शहर की निगरानी की जा रही है।
अफवाहों से बचने की अपील
फ्लैग मार्च के दौरान मधुबनी पुलिस ने आम नागरिकों से सीधा संवाद किया और उनसे अपील की कि:
पर्व को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं।
सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या कंट्रोल रूम को दें।
चेतावनी: पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों और शांति बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असमाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तकनीकी निगरानी और हाई अलर्ट
जिला कंट्रोल रूम में बैठकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पूरे जिले की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भीड़भाड़ वाले इलाकों की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि रामनवमी का जुलूस और अन्य धार्मिक कार्यक्रम सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकें।
मधुबनी (बिहार): लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया और सत्ता के बीच का टकराव कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब यह टकराव निजी रंजिश और कानूनी दांव-पेच की शक्ल ले ले, तो सवाल उठना लाजिमी है। ताजा मामला बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही से सामने आया है, जहां एक स्थानीय पत्रकार और मुखिया के बीच की जंग अब पुलिस की फाइलों और सचिवालय की दहलीज तक पहुंच गई है।
क्या है पूरा विवाद?
मामले की शुरुआत तब हुई जब हिन्दुस्तान दैनिक के संवाददाता दीपेंद्र दीपम ने एक खबर प्रकाशित की। खबर का शीर्षक था— बाबूबरही: हत्या मामले में पति-पत्नी गिरफ्तार। इस खबर में उल्लेख था कि हत्या के एक पुराने मामले में सतघारा पंचायत के मुखिया का नाम भी आरोपियों में शामिल है। बस यही बात सतघारा पंचायत के मुखिया नंद कुमार यादव को चुभ गई।
मुखिया नंद कुमार यादव ने पत्रकार दीपेंद्र दीपम के खिलाफ कांड संख्या 155/26 के तहत रंगदारी मांगने और छवि खराब करने की प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी। मुखिया का आरोप है कि पत्रकार ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की और पैसे न देने पर झूठी खबर छापकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई।
घटनाक्रम
तारीख/समय
घटना
मुख्य बिंदु
14 नवंबर 2021
बाबूबरही कांड सं. 263/21
हत्या का मामला दर्ज, जिसमें रंजीत पासवान और अन्य आरोपी बने।
23 मार्च 2026
खबर का प्रकाशन
‘हिन्दुस्तान’ में दीपेंद्र दीपम द्वारा हत्या मामले में गिरफ्तारी की खबर छपी।
23 मार्च 2026
FIR दर्ज (155/26)
मुखिया नंद कुमार यादव ने पत्रकार पर रंगदारी का केस दर्ज कराया।
26 मार्च 2026
पत्रकार की अपील
दीपेंद्र दीपम ने SP, DGP और मुख्यमंत्री को न्याय के लिए पत्र भेजा।
नोट: पहले जो रंगदारी या वसूली का मामला IPC की धाराओं में आता था, अब नए कानून के तहत BNS की धारा 308(3)जबरन वसूली (Extortion) से संबंधित है। इसमें डरा-धमका कर पैसे मांगना अपराध की श्रेणी में आता है। पत्रकार का दावा है कि उनके खिलाफ इस धारा का दुरुपयोग प्रतिशोध की भावना से किया गया है।
पत्रकार का पलटवार: यह सच को दबाने की कोशिश है
इस एफआईआर के खिलाफ पत्रकार दीपेंद्र दीपम ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (SP) सहित मुख्यमंत्री, DGP और गृह सचिव को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। दीपेंद्र का पक्ष बेहद मजबूत और चौंकाने वाला है:
अपराधिक इतिहास का हवाला: पत्रकार ने अपने आवेदन में दावा किया है कि सूचक (मुखिया) नंद कुमार यादव का खुद का रिकॉर्ड संदेहास्पद है। उन पर बाबूबरही थाना और राजनगर थाना में हत्या से संबंधित कई मामले (जैसे कांड सं. 263/21, 219/22, 181/12) पहले से दर्ज हैं।
खबर का आधार: पत्रकार का कहना है कि उन्होंने जो खबर छापी, वह पुलिसिया कार्रवाई और कोर्ट में चल रहे मामलों पर आधारित थी।
साजिश का आरोप: दीपेंद्र दीपम का कहना है कि मुखिया अपनी दबंगई और रसूख के बल पर एक निर्भीक पत्रकार की आवाज को दबाना चाहते हैं ताकि उनके काले कारनामों पर कोई पर्दा न उठा सके।
“मैं कानून और न्याय में भरोसा रखता हूं। रंगदारी का आरोप पूरी तरह निराधार है। यह सिर्फ इसलिए किया गया है ताकि मैं इलाके की सच्चाई दिखाना बंद कर दूं।” — दीपेंद्र दीपम, पत्रकार
प्रशासनिक हलचल: न्याय की गुहार
पत्रकार ने इस मामले को लेकर बिहार के शीर्ष अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक के जरिए शिकायत भेजी है। इनमें शामिल हैं:
माननीय मुख्यमंत्री, बिहार
पुलिस महानिदेशक (DGP), पटना
गृह सचिव, बिहार सरकार
आईजी (कमजोर वर्ग), पटना
बाबूबरही पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी है। लेकिन सवाल वही खड़ा है— क्या सच लिखना आज के दौर में इतना जोखिम भरा हो गया है कि पत्रकार को ही अपराधी बनाने की कोशिश की जाए?
जनता की राय क्या है?
सोशल मीडिया और स्थानीय हलकों में इस खबर को लेकर तीखी बहस छिड़ी है। एक तरफ जनप्रतिनिधि की साख है, तो दूसरी तरफ पत्रकारिता की आजादी। अब देखना यह है कि मधुबनी पुलिस इस सुनियोजित षड्यंत्र की तह तक जाकर न्याय करती है या नहीं।
क्या आपको लगता है कि पत्रकारों पर झूठे केस दर्ज करना सत्ता का दुरुपयोग है? कमेंट में अपनी राय दें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में प्रकाशित जानकारी प्राप्त दस्तावेजों, वायरल पत्र (Petition) और संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। यह लेख किसी भी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि या पत्रकार की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से नहीं लिखा गया है। चूंकि मामला वर्तमान में पुलिस जांच और न्यायालय के अधीन (Sub-judice) है, इसलिए हमारी वेबसाइट किसी भी आरोप की सत्यता की पुष्टि नहीं करती है। अंतिम निर्णय कानून सम्मत प्रक्रिया द्वारा ही मान्य होगा।
झंझारपुर (बिहार): आगामी रामनवमी के पावन अवसर पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने को लेकर झंझारपुर अनुमंडल के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
यह बैठक महरैल रेलवे स्टेशन के समीप स्थित महावीर बजरंगबली ट्रस्ट के प्रांगण में आयोजित की गई।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में प्रशासन की ओर से कई आला अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने सुरक्षा और शांति व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। मौके पर उपस्थित मुख्य अधिकारियों में शामिल थे:
सुबोध कुमार सिन्हा (झंझारपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी)
बी. ब्रजेश (झंझारपुर सर्किल इंस्पेक्टर)
सुनील सिंह (झंझारपुर थानाध्यक्ष)
मंजुला मिश्रा (रुद्रपुर थानाध्यक्ष)
कुंदन कुमार (अपर थानाध्यक्ष)
राकेश रौशन (प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंधराठाढी)
शांति और सद्भाव पर जोर
बैठक के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुबोध कुमार सिन्हा ने कहा कि रामनवमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास का प्रतीक है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। रुद्रपुर की थानाध्यक्ष मंजुला मिश्रा ने भी शांति व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने की बात कही।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता
बैठक में भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग और शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे। इन सभी ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में पर्व के दौरान पूर्ण शांति बनी रहेगी। उपस्थित सदस्यों में प्रमुख थे:
मिहीर ठाकुर, अखिलेश ठाकुर, सुनील चौधरी
सतीश झा, अजय झा, श्याम लाल साफी
भोगी झा, अभिषेक चौधरी
रामवतार मंडल और पंडित मोहन शास्त्री
महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जुलूस और शोभायात्रा के दौरान निर्धारित रूट का पालन किया जाएगा। साथ ही, डीजे और भड़काऊ नारों पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। महावीर बजरंगबली ट्रस्ट के सदस्यों ने भी मंदिर परिसर और आसपास की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी योजना साझा की।
प्रशासन और जनता के बीच इस संवाद से यह स्पष्ट है कि झंझारपुर और आसपास के क्षेत्रों में रामनवमी का त्यौहार पूरी श्रद्धा और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ मनाया जाएगा।
मधुबनी (बिहार): आगामी रामनवमी पर्व को देखते हुए मधुबनी जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देशानुसार ‘फ्लैग मार्च’ निकाला गया।
संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर
मधुबनी पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) ने अपने-अपने क्षेत्रों में थाना प्रभारियों और भारी पुलिस बल के साथ पैदल और वाहनों के माध्यम से मार्च किया। यह फ्लैग मार्च मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में निकाला गया:
सदर-02
बेनीपट्टी
जयनगर
झंझारपुर
पुलिस की टीम ने खास तौर पर उन इलाकों का दौरा किया जिन्हें ‘संवेदनशील’ माना जाता है या जहाँ भीड़भाड़ अधिक रहती है।
अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी
फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह साझा न करने की भी अपील की है।
”हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक रामनवमी का पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मना सकें। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस का सहयोग करें।” — मधुबनी पुलिस
आम नागरिकों से अपील
मधुबनी पुलिस ने जनता से अनुरोध किया है कि:
पर्व को आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाएं।
यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन की मदद करें।
मधुबनी पुलिस की इस मुस्तैदी से आम जनता के बीच सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। फ्लैग मार्च के जरिए यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जिले में शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
मधुबनी (बिहार): अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मधुबनी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कलुआही थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को अवैध हथियार और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
दिनांक 24 मार्च 2026 को कलुआही थाना के थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम हरिपुर मजरही टोल निवासी सिकंदर मंडल उर्फ सिंकू अपने घर में अवैध हथियार छिपाकर रखे हुए है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पदाधिकारियों को सूचित किया गया और उनके निर्देशानुसार पुलिस बल ने चिन्हित स्थान पर छापेमारी की। पुलिस टीम को देखते ही अभियुक्त ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया।
बरामदगी का विवरण
गिरफ्तार व्यक्ति के घर की तलाशी लेने पर पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की:
01 अवैध देशी कट्टा (लकड़ी के तख्ते पर कपड़े में बांधकर रखा हुआ)
01 जिंदा कारतूस
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान सिकंदर मंडल उर्फ सिंकू (पिता- शुभचन्द्र मंडल उर्फ दुलाई मंडल) के रूप में हुई है, जो हरिपुर मजरही, थाना-कलुआही, जिला-मधुबनी का निवासी है। पूछताछ के दौरान वह भागने का कोई संतोषजनक कारण नहीं बता सका।
पुलिस की कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने बरामद हथियारों को जब्त कर लिया है और अभियुक्त को गिरफ्तार कर थाने लाया गया है। इस संदर्भ में कलुआही थाना में कांड संख्या- 66/26 दर्ज की गई है। अभियुक्त पर आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)ए/26/35 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
फुलपरास (मधुबनी): अनुमंडल मुख्यालय स्थित चैती दुर्गा पूजा समिति, फुलपरास के तत्वावधान में इस वर्ष भी वासंतिक नवरात्र का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ किया जा रहा है। अपनी विशिष्ट परंपरा को जीवंत रखते हुए, समिति द्वारा इस 10वें वर्ष भी माता भगवती के सभी 9 स्वरूपों की अलग-अलग भव्य प्रतिमाएं स्थापित कर वैदिक रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना की जा रही है।
माता कालरात्रि की पूजा के साथ खुले मंदिर के पट
बुधवार को पूजा समिति द्वारा ‘बेल तोड़ी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके पश्चात, प्रख्यात आचार्य भगवान जी झा के सानिध्य में माता के सातवें स्वरूप, माँ कालरात्रि की विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच माता का पट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
10 वर्षों से जारी है अनोखी परंपरा
समिति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ स्थापना काल से ही नवरात्र के प्रत्येक दिन माता के अलग-अलग स्वरूप की मूर्ति निर्मित कर पूजा की जाती है। आचार्य ने बताया कि:
प्रथम दिन शैलपुत्री, द्वितीय ब्रह्मचारिणी, तृतीय चंद्रघंटा, चतुर्थ कुष्मांड… इसी क्रम में नौ दिनों तक माता के नौ रूपों की आराधना होती है।
पूजा पूरी तरह से वैदिक पद्धति पर आधारित है।
मंदिर परिसर में अध्यात्म के प्रसार हेतु देवी भागवत कथा का भी भव्य आयोजन किया जा रहा है।
क्षेत्र की खुशहाली के लिए संकल्पित है पूजा
यजमान सह पूजा समिति के संस्थापक ब्रह्मानंद यादव ने बताया कि इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि, आपसी सौहार्द और प्रेम को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि आम लोगों के सहयोग और अटूट समर्थन से ही यह 10वां सफल वर्ष संभव हो पाया है।
आयोजन में शामिल प्रमुख व्यक्तित्व
इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। प्रमुख रूप से उपस्थित रहने वालों में शामिल हैं:
पद / श्रेणी
नाम
समिति पदाधिकारी
बद्री नारायण साह (अध्यक्ष), खोजेंदर झा (सचिव), मिंटू सहजादा (कोषाध्यक्ष)
जनप्रतिनिधि
धर्मेंद्र साह (मुख्य पार्षद), मिट्ठू कामत (वार्ड पार्षद)
राजनीतिक नेतृत्व
कृष्ण कुमार सिंह यादव (BJP), अशोक मंडल (JDU), संतोष पासवान (LJP), धनबिर यादव (RJD)
सक्रिय सदस्य
घुरन बिस्वास, प्रदीप यादव, सकल पासवान, मुन्ना साह, लोकेश कुमार, रामचंद्र यादव व अन्य
संपूर्ण फुलपरास नगर पंचायत इस समय माता के जयकारों और मंत्रोच्चार से गुंजायमान है। समिति के सदस्यों ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर माता के नौ स्वरूपों के दर्शन करें और पुण्य के भागी बनें।
पटना: बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) एक बार फिर निर्विरोध जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। मंगलवार, 24 मार्च 2026 को नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन पदाधिकारी ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की।
नीतीश कुमार के फिर से पार्टी की कमान संभालने पर बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव (Bijendra Prasad Yadav) ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है और इसे पार्टी के लिए एक मील का पत्थर बताया है।
ऊर्जा मंत्री ने क्या कहा?
नीतीश कुमार के करीबी और वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया। उन्होंने कहा:
”नीतीश कुमार जी का नेतृत्व केवल JDU के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के विकास के लिए अनिवार्य है। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और आगामी चुनावों में पार्टी और भी मज़बूती के साथ उभरेगी।”
निर्विरोध चुने गए नीतीश कुमार
पार्टी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए केवल नीतीश कुमार का ही नामांकन प्राप्त हुआ था। 24 मार्च सुबह 11 बजे तक नाम वापसी का समय था, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर अनिल हेगड़े ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। बता दें कि नीतीश कुमार अब दिल्ली की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं, क्योंकि हाल ही में वे राज्यसभा के लिए भी निर्वाचित हुए हैं।
पार्टी में जश्न का माहौल
नीतीश कुमार के अध्यक्ष बनते ही पटना स्थित JDU प्रदेश कार्यालय में जश्न शुरू हो गया। ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ कार्यकर्ताओं ने खुशी ज़ाहिर की। ऊर्जा मंत्री के अलावा संजय झा, श्रवण कुमार और ललन सिंह जैसे दिग्गज नेताओं ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है।
भविष्य की रणनीति पर ज़ोर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश कुमार का फिर से अध्यक्ष बनना यह दर्शाता है कि पार्टी पर उनकी पकड़ बेहद मज़बूत है। अब जबकि वे राज्यसभा सांसद के रूप में दिल्ली जा रहे हैं, राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर वे देशभर में पार्टी के विस्तार और 2029 के लोकसभा चुनावों की रणनीति तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
लखनौर, मधुबनी। आगामी रामनवमी और दैयाखरवार में आयोजित होने वाली नव चैती दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर क्षेत्र में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए मधुबनी जिले के लखनौर थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
प्रशासन ने दिए कड़े निर्देश
बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), लखनौर द्वारा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाएगी।
समिति सदस्यों को सौंपी गई जिम्मेदारी
बैठक में उपस्थित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
आपसी सहयोग: सभी कमेटी मेंबर आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें।
भीड़ प्रबंधन: पूजा और जुलूस के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती।
सोशल मीडिया पर नजर: किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाहों पर ध्यान न देने और तुरंत पुलिस को सूचित करने की अपील।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के कई स्थानीय प्रतिनिधि और समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से:
स्थानीय मुखिया एवं सरपंच
थाना अध्यक्ष एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी
क्षेत्र के विभिन्न गांवों के गणमान्य नागरिक
बैठक के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया और संकल्प लिया कि रामनवमी और चैती दुर्गा पूजा का पर्व आपसी भाईचारे के साथ हर्षोल्लास से मनाया जाएगा।
खुटौना: मधुबनी जिले के खुटौना बाजार में आज तकनीकी सेवाओं के एक नए केंद्र ‘SRN NETWORKS’ का धमाकेदार आगाज हुआ। इस भव्य उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में लौकहा विधानसभा प्रत्याशी सह जिला पार्षद राम लखन यादव और जिला परिषद क्षेत्र संख्या 39 की जिला पार्षद नीलम यादव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर संस्थान का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी। अतिथियों ने प्रोपराइटर संजय कुमार यादव को इस नई पहल के लिए बधाई दी और कहा कि आधुनिक युग में बेहतर इंटरनेट और तकनीकी सेवाओं की उपलब्धता क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
मेला और बड़े आयोजनों के लिए खास सुविधा (CCTV)
SRN NETWORKS की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब क्षेत्र में होने वाले बड़े मेलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रैलियों और बड़े आयोजनों में हाई-टेक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की सुरक्षा के लिए कहीं बाहर नहीं भटकना पड़ेगा। संस्थान बड़े स्तर पर सुरक्षा निगरानी की सुविधा भी प्रदान कर रहा है।
एक ही छत के नीचे डिजिटल समाधान:
हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट: खुटौना और आसपास के इलाकों के लिए बेहतरीन कनेक्टिविटी।
सीसीटीवी इंस्टॉलेशन: घर, दुकान और बड़े आयोजनों के लिए खास सुरक्षा व्यवस्था।
कंप्यूटर और लैपटॉप: सेल, सर्विस और एक्सपर्ट रिपेयरिंग।
एलईडी टीवी और जीपीएस ट्रैकर: वाहनों की सुरक्षा के लिए जीपीएस की सुविधा।
डाटा रिकवरी और प्रिंटर सर्विस: खोया हुआ डाटा वापस पाने और प्रिंटिंग संबंधी सभी काम।
संपर्क सूत्र:
पता: खुटौना बाजार, सेंट्रल बैंक के बगल वाली गली में, मधुबनी।
मोबाइल: 7303030321
ईमेल: srnnetworks@gmail.com
शुभकामनाएं: उद्घाटन के मौके पर समाजसेवी राजू यादव सहित कई स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों ने संस्थान की सफलता की कामना की। अब डिजिटल सेवाओं के लिए खुटौना के लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना होगा।
बिहार दिवस के विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार और बिहार के समस्त नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं भेजी हैं। 22 मार्च, 2026 को लिखे गए इस संदेश में प्रधानमंत्री ने बिहार के प्राचीन इतिहास से लेकर आधुनिक विकास की यात्रा और वैश्विक पहचान तक का भावपूर्ण उल्लेख किया है।
आइए जानते हैं प्रधानमंत्री के इस पत्र की मुख्य बातें:
1. प्राचीन ज्ञान और नैतिकता की धरती
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बिहार को ज्ञान, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों की जननी बताया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि:
भगवान बुद्ध के विचार आज भी वैश्विक चेतना का हिस्सा हैं।
आचार्य चाणक्य और सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की जोड़ी ने इसी भूमि से एक सशक्त और संगठित भारत की नींव रखी थी।
बिहार की यह विरासत आज भी भारत की सोच और दिशा को प्रेरित करती है।
2. ‘कड़ी मेहनत और प्रतिभा’ की वैश्विक पहचान
प्रधानमंत्री ने बिहार के लोगों की कर्मठता की सराहना करते हुए कहा कि बिहारवासियों ने दुनिया भर में अपनी मेहनत और ईमानदारी से एक अलग पहचान बनाई है। चाहे सेवा क्षेत्र हो, उद्योग, शिक्षा या कला-संगीत, हर जगह बिहार का योगदान अतुलनीय है।
उन्होंने अपने मुख्यमंत्री काल के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे सूरत के विकास में बिहार के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, मॉरीशस, गुयाना और त्रिनिदाद एंड टोबैगो जैसे देशों में भी बिहार की संस्कृति के फलने-फूलने पर गर्व व्यक्त किया।
3. लोकतंत्र के रक्षक और महान विभूतियां
पत्र में बिहार की उन महान विभूतियों को नमन किया गया जिन्होंने भारत के लोकतंत्र को आकार दिया:
चंपारण सत्याग्रह: महात्मा गांधी ने यहीं से आजादी के संघर्ष को नई ऊर्जा दी।
संविधान निर्माण: डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सच्चिदानंद सिन्हा और बाबू जगजीवन राम के योगदान को याद किया गया।
लोकतंत्र की रक्षा: 1970 के दशक में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संघर्ष और जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने का भी जिक्र हुआ।
4. विकास के नए आयाम: केंद्र और राज्य की जुगलबंदी
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में बिहार में हुए बुनियादी बदलावों और केंद्र सरकार की योजनाओं की सफलता के आंकड़े साझा किए:
योजना का नाम
उपलब्धि (बिहार में)
पीएम आवास योजना
40 लाख से अधिक घर निर्मित
उज्ज्वला योजना
1.20 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन
सौभाग्य योजना
हर घर तक बिजली की पहुंच
पीएम किसान सम्मान निधि
किसानों के खातों में ₹30,000 करोड़ से अधिक
लखपति दीदी
31 लाख से अधिक महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर
5. सांस्कृतिक विस्तार: महापर्व छठ
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की सांस्कृतिक परंपराएं अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। महापर्व छठ इसका सबसे सशक्त उदाहरण है, जो अब न केवल भारत बल्कि दुनिया भर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
प्रधानमंत्री का यह पत्र न केवल बिहार के गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य और विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। बिहार के लोगों की ‘सांस्कृतिक समृद्धि’ और ‘विकास की आकांक्षा’ ही आज के नए भारत की पहचान बन रही है।