
फुलपरास (मधुबनी): कहते हैं कि अगर इरादे नेक हों और मेहनत में ईमानदारी हो, तो नियति भी आपका साथ देती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है फुलपरास प्रखंड के सिजौलिया गांव के निवासी धर्म नारायण झा के ज्येष्ठ पुत्र शिवम नारायण झा ने। शिवम ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 597वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता का सपना पूरा किया है, बल्कि पूरे जिले और राज्य का नाम रोशन किया है।
संस्कारों और मेहनत की जीत
शिवम की यह सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उनके पिता धर्म नारायण झा की ईमानदारी और उनकी माता के आशीर्वाद का प्रतिफल है। आज के दौर में जहाँ लोग शॉर्टकट की तलाश में रहते हैं, वहीं शिवम के परिवार ने यह साबित कर दिया कि धार्मिक कार्यों में जुड़ाव और ईमानदारी की राह पर चलते हुए भी शिखर तक पहुँचा जा सकता है।
कठिन परिस्थितियों में नहीं खोया धैर्य
शिवम का इस मुकाम तक पहुँचने का सफर आसान नहीं था। उनके पिता धर्म नारायण ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपना धैर्य नहीं खोया। “जो ऊपर वाला चाहता है वही होता है”—इसी विश्वास के साथ परिवार ने संघर्ष किया और आज ‘ऊपर वाले’ ने उनकी मेहनत का फल शिवम की सफलता के रूप में दिया है।
समाज के लिए एक प्रेरणा
शिवम की सफलता से आज पूरा फुलपरास अनुमंडल गौरवान्वित है। गांव में खुशी का माहौल है और लोग इसे आने वाली पीढ़ी के लिए एक बड़ी सीख मान रहे हैं। यह परिणाम उन लोगों के लिए एक कड़ा जवाब है जो ईमानदारी की शक्ति पर संदेह करते हैं।
“कठिन परिश्रम और ईश्वर पर अटूट विश्वास ही सफलता की असली कुंजी है। शिवम ने अपनी मेहनत से सिजौलिया गांव का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया है।”
मुख्य बिंदु:
- नाम: शिवम नारायण झा
- निवासी: सिजौलिया, फुलपरास (मधुबनी)
- उपलब्धि: UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफल (रैंक 597)
- प्रेरणा: पिता की ईमानदारी और माता का आशीर्वाद
हम शिवम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वे एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी बनकर समाज की सेवा करेंगे।











