मधुबनी: उत्तर बिहार में ठंड का कहर जारी है। पछुआ हवा और कनकनी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस मुश्किल वक्त में समाजसेवी इंजीनियर गंगा कुमार गरीब और असहाय बुजुर्गों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आए हैं। उन्होंने गांव के दर्जनों वृद्धों और विधवा महिलाओं के बीच कंबल का वितरण किया।

बुजुर्गों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

​ठंड की मार झेल रहे बुजुर्गों को जब गर्म कंबल मिले, तो उनके चेहरों पर सुकून और मुस्कान साफ देखी गई। कंबल पाकर भावुक हुई एक वृद्धा ने कहा, "बेटे ने जो आज किया है, उससे हमें इस कड़ाके की जाड़े में बहुत राहत मिलेगी।" वितरण के दौरान गंगा कुमार ने सभी बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जो उनकी सादगी को दर्शाता है।

​कोरोना काल से ही सक्रिय हैं गंगा कुमार

​इंजीनियर गंगा कुमार केवल आज ही नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से समाज सेवा में जुटे हैं। 'भूमि न्यूज़ लाइव' से बात करते हुए उन्होंने बताया कि:

"मैंने कोरोना काल के दौरान भी जरूरतमंदों तक भोजन और मास्क पहुँचाने की कोशिश की थी। पिछले साल भी हमने मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित किया था। मेरा लक्ष्य है कि अपनी क्षमता के अनुसार समाज के अंतिम व्यक्ति की मदद कर सकूं।"

​युवाओं के लिए खास संदेश

​गंगा कुमार ने समाज के सक्षम युवाओं से भी एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि:

​यदि आप 100 रुपये कमाते हैं, तो कम से कम 5 रुपये समाज के कल्याण के लिए जरूर निकालें।

  • समाज सेवा के लिए पद का होना जरूरी नहीं, नेक नियत का होना जरूरी है।
  • ​बुजुर्गों का सम्मान और उनकी सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है।

​ग्रामीणों ने की सराहना

​स्थानीय ग्रामीण प्रिय रंजन कुमार और शशि भूषण कामत ने बताया कि गंगा बाबू हमेशा गांव की समस्याओं और लोगों की मदद के लिए तैयार रहते हैं। गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे, जिन्होंने इस मानवीय पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

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